भारत की राजधानी का नाम क्या है

इस आर्टिकल में आप जानेंगे भारत की राजधानी का नाम क्या है जैसा कि हम सभी जानते हैं इंडिया समेत दुनिया के लगभग सभी देशों की अपनी राजधानियां है जहाँ से वह अपने देश के कार्यभार संभालते हैं। जब से देशों का गठन हुआ है तब से ही इनके केंद्र बनना भी शुरू हो गए थे चाहे वह आज का समय हो या इतिहास में किसी शासक का समय हर समय में किसी एरिया की विशेष जगह को राजधानी बनाया जाता था। जैसे उदाहरण के तौर पर राजा महाराजा के समय शासक अपने शासित एरिया में से किसी विशेष स्थान को अपने शासन का केंद्र बनाते थे जहाँ रहकर वह अपने एरियाज में शासन करते थे। भले ही अब समय बदल गया हो लेकिन समय के साथ शासन का तरीका भी बदल गया है।

भारत की राजधानी का नाम क्या है

वर्तमान में भारत और अन्य देशों में राजा महाराजा की जगह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने ले ली है हालाकि अब किसी देश में किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री बनने के लिए जनता का सहयोग चाहिए होता है जिसे आज हम चुनाव के नाम से जानते हैं। वैसे आज हम राजाओं की दुनिया से काफी आगे निकल चुके हैं लेकिन अभी भी कुछ देश हैं जहां राजाओं के जैसा शासन चलता है जैसे उत्तर कोरिया जहां काफी समय से किम जोंग उन का शासन चल रहा है। उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग है और इसी शहर से किम जोंग उन पूरे उत्तर कोरिया पर नियंत्रण रखता है। अब आपको पता चल गया होगा कि राजधानी आज से नहीं बल्कि काफी समय से मौजूद हैं।

भारत की राजधानी का नाम क्या है

आपको बता दे भारत की राजधानी का नाम नई दिल्ली है जो भारत के केंद्र शासित प्रदेशों में से एक है दिल्ली को भारत की राजधानी अंग्रेजों के शासन काल में 1 अप्रैल 1912 में बनाया गया था। अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद नई दिल्ली को ही कैपिटल के तौर पर स्वीकार्य कर लिया गया था अब केंद्र सरकार के सभी मुख्यालय दिल्ली में ही स्थित हैं।

दिल्ली को भारत की राजधानी बनाने के पीछे कई कारण है जिनमें यहाँ हम आपको मुख्य कारण बताने जा रहे हैं। अगर आप भी कैपिटल के इतिहास की थोड़ी बहुत जानकारी रखते हैं तो आपको पता होगा कि अंग्रेजों के शासन तक इंडिया की राजधानी कोलकाता हुआ करती थी लेकिन उस समय भारत में अंग्रेजी शासन की जिम्मेदारी जॉर्ज पंचम के ऊपर थी। तब अंग्रेजी सरकार ने सोचा कि कोलकाता की जगह दिल्ली से भारत पर और अच्छे तरीके से शासन किया जा सकता है।

इसके बाद उस समय अंग्रेजी शासक जॉर्ज पंचम ने दिल्ली को राजधानी बनाने का आदेश 12 दिसम्बर 1911 को दिया और 1 अप्रैल 1912 को दिल्ली भारत की राजधानी बना दिया गया था। हालाकि यह इतना आसान नहीं था क्योंकि उस समय दिल्ली कोलकाता के जितनी बड़ी और आधुनिक सिटी नहीं थी इसलिए अंग्रेजों को अपनी राजधानी शिफ्ट करने में कई महीनों का समय लग गया था।

भारत की राजधानी दिल्ली से जुड़ी जानकारी

शुरुआत में दिल्ली एक कस्बा हुआ करता था लेकिन राजधानी बनने के बाद यहाँ की जनसँख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में भारत में दिल्ली मुंबई के बाद दूसरी सबसे बड़ी सिटी है इसके अलावा यह भारत के सबसे प्राचीन नगरों में से एक है क्योंकि यहाँ पुरातन विभाग को कई ऐसी चीज मिली हैं जो इसके प्राचीन होने का सबूत देती हैं।

दिल्ली की जनसँख्या 2012 के आकड़े अनुसार 1.9 करोड़ है वहीं इसका क्षेत्रफल 1484 वर्ग किलोमीटर है। दिल्ली भारत की उत्तर दिशा में स्थित है इस केंद्र शासित प्रदेश की राजभाषाएं हिंदी और अंग्रेजी है और अधिकतर लोग हिंदी में ही बात करते हैं।

चलिए अब आपको भारत से जुड़ी जानकारी बताते हैं जो आपके जनरल नॉलेज बढ़ाने में मदद करेंगी भारत जनसँख्या के मामले में चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है जो भौगोलिक स्वरूप के अनुसार उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। इंडिया में लगभग सभी धर्मों के लोग निवास करते हैं हालाकि इनमें सबसे अधिक जनसँख्या हिन्दू धर्म की है जो वर्तमान में भारत की कुल जनसँख्या के 80 प्रतिशत शेयर करता है।

भारत के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं हमारे देश में कुल 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेश हैं जिनमें राजधानी दिल्ली भी शामिल है भारत की आबादी 1 अरब 36 करोड़ है इसके अलावा 32,87,263 वर्ग कि.मी. इसका क्षेत्रफल है। इंडिया अंग्रेजों से 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था इसलिए हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है वहीं 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।

तो अब आप जान गए होंगे कि भारत की राजधानी का नाम क्या है जैसा कि अब आपको पता चल गया होगा कि अंग्रेजों के शासन काल में दिल्ली को कोलकाता की जगह भारत की राजधानी बनाया गया था क्योंकि इस क्षेत्र से पूरे भारत में शासन करना आसान था। दिल्ली एक प्राचीन जगह है हालाकि इसे प्राचीन शहर तो नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह राजधानी बनने के बाद शहर बना था लेकिन ऐसा माना जाता है इस जगह में लोग करीब 300 ईसा पूर्व से रह रहे हैं।

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