भारत में कुल कितने धर्म है जनसँख्या जानिये

आइये आज जानते हैं भारत में कुल कितने धर्म है जैसा कि हम सभी जानते हैं कि इंडिया एक धर्म निरपेक्ष देश है। जहाँ विभिन्न धर्मों और समुदाय ले लोग शांतिपूर्ण और सद्भावना से रहते हैं। हिंदुस्तान में सभी लोगो को अपने रिलिजन का प्रचार और अपने त्यौहार मनाने की आजादी है। वर्तमान समय में देश की आबादी 137 करोड़ से ज्यादा हैं। ऐसे में आप भी जानना चाहते होंगे कि इस आबादी में सबसे अधिक लोग किस धर्म को मानते हैं। जहाँ तक दुनिया की बात करें तो एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 10 लोगो में से 8 लोग किसी न किसी रिलिजन से जुड़े हुए हैं। जबकि 2 लोग किसी भी धर्म पर विश्वास नहीं रखते हैं।

भारत में कुल कितने धर्म है

चूँकि हिंदुस्तान में अनेक धर्मों के लोग रहते हैं और लगभग सभी किसी न किसी धर्म से जुड़े हैं। ऐसे में आप में से कई लोग जानना चाहते हैं होंगे कि आखिर भारत के प्रमुख धर्म कौन कौन से हैं। हालाकि इस विश्व में मानवता से बढ़कर कोई रिलिजन नहीं है लेकिन फिर भी ज्यादातर लोग अपने अपने ईश्वर को मानते हैं। ऐसा माना जाता है कि पूरी दुनिया में 300 से भी अधिक धर्म के नाम हैं लेकिन इनमें से महज 10 धर्म ही लोकप्रिय हैं। जिनकी संख्या भारत में भी देखने को मिलती है।

भारत में कुल कितने धर्म है

मनुष्य के विकास के साथ ही कई धर्म अस्तित्व में आये और इनसे अलग अलग धर्मो की स्थापना हुई है। अब दुनिया के अधिकतर लोग किसी न किसी रिलिजन पर विश्वास रखते हैं तो चलिए जानते हैं भारत में कितने धर्म मौजूद है।

1. हिन्दू धर्म

इस लिस्ट में पहले स्थान पर हिन्दू धर्म है जिसकी उत्पत्ति मुख्य रूप से भारत में ही हुई है। इसे सनातन रिलिजन के नाम से भी जाना जाता है। 2011 की जनगणना अनुसार इंडिया में हिन्दुत्ववादी लोगों की संख्या 82 करोड़ है। जो भारतीय आबादी में 80 प्रतिशत है 2020 में भी करीब 80 प्रतिशत भारतीय जनसंख्या हिन्दू रिलिजन को फॉलो करती है।

2. इस्लाम धर्म

भारतीय जनसँख्या में हिन्दुओं के बाद दूसरा नाम इस्लाम धर्म का आता है क्योंकि हिन्दुओं के बाद दूसरी बड़ी आबादी मुस्लिम लोगो की है। 2011 की जनगणना अनुसार भारत में करीब 14.80 करोड़ मुस्लिम रिलिजन को मानने वाले लोग रहते हैं। यह भारतीय आबादी में करीब 14.2 प्रतिशत है।

3. ईसाई धर्म

दुनिया में सबसे अधिक लोग ईसाई धर्म के अनुयायी हैं वहीं भारत में यह तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि ईसाई लोग हिंदुस्तान में अंग्रेजी शासन के दौर में आकर बसे हैं तो ऐसा बिलकुल नहीं है। विद्वानों के मुताबिक ईसाई रिलिजन 6वीं शताब्दी से ही भारत में स्थापित हो गया था। पिछली जनगणना अनुसार करीब 2.50 करोड़ भारतीय लोग ईसाई धर्म को मानते हैं और इनकी अधिकतर जनसँख्या दक्षिण भारत में देखने को मिलती है।

4. सिख धर्म

इस रिलिजन की उत्पत्ति भी मुख्य रूप से हिंदुस्तान में ही हुई है। ऐसा माना जाता है कि भारत में 15वीं सदी में गुरु नानक देव ने सिख धर्म की स्थापना की थी। अब आपको इनकी संख्या दुनिया के दूसरे देशों में भी देखने को मिल जाएगी। क्योंकि काफी सिख रिलिजन अनुयायी इंडिया को छोड़कर दूसरे देश में बस रहे हैं। भारत की जनसँख्या में करीब 1.92 करोड़ लोग सिख धर्म को फॉलो कर रहे हैं।

5. बौद्ध धर्म

भले ही भारत में बौद्ध धर्म इतना प्रचलित नहीं है लेकिन पूर्वी एशिया महाद्वीप में यह धर्म काफी प्रचलित है। भारत में बौद्ध रिलिजन की ज्यादातर जनसँख्या आपको पूर्वी भारत के राज्यों में देखने को मिलेगी। 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 79.55 लाख लोग बौद्ध रिलिजन को मानते हैं।

6. जैन धर्म

यह धर्म पूरे भारत में प्रचलित है भले ही इनकी संख्या बौद्ध धर्म से कम है लेकिन यह पूरे इंडिया में फैले हुए हैं। जबकि बौद्ध धर्म के लोग भारत के पूर्वी राज्यों में ही देखने को मिलते हैं। जैन रिलिजन की स्थापना भी इंडिया में ही हुई थी और इनकी अधिक संख्या भारत में ही है। हिंदुस्तान में करीब 42.25 लाख लोग जैन धर्म को फॉलो करते हैं।

7. पारसी धर्म

ऐसा माना जाता है कि पारसी धर्म की स्थापना 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व में हुई थी। इसके संस्थापक महात्मा ज़रथुष्ट्र हैं, इसलिये इसे ज़रथुष्ट्री धर्म भी कहते हैं। इनकी अधिक संख्या भारत में ही मौजूद है जो 2011 की जनगणना अनुसार लगभग 70 हजार है ये दुनिया के दूसरे देशों में भी रहते हैं।

कुल मिलाकर में भारत में सात प्रमुख धर्म हैं जिनकी संख्या सबसे अधिक है। इन सबसे अलावा भारत के करीब 7 लाख लोग नास्तिक हैं मतलब यह लोग किसी भी रिलिजन पर विश्वास नहीं रखते हैं। ऊपर बताये गए जनसँख्या के आकड़े 2011 की जनगणना के हैं जिसे अब करीब 9 साल हो चुके हैं। ऐसे में वर्तमान में इनकी संख्या में इजाफा देखने को मिलेगा जिसकी नई रिपोर्ट 2021 में देखने को मिल सकती है।

तो अब आप जान गए होंगे कि भारत में कुल कितने धर्म है आपको भी पता चल गया होगा कि इंडिया में हिन्दुओं का वर्चस्व है। लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि दुनिया में भी हिन्दुओं की जनसँख्या सबसे अधिक है। तो ऐसा नहीं है इस दुनिया में सबसे अधिक आबादी 2.2 अरब ईसाई धर्म को मानने वाले लोगो की है। इसके बाद इस्लाम 1.6 अरब और  तीसरे स्थान पर हिन्दू 1 अरब है। तो उम्मीद करते हैं यह पोस्ट आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित होगा।

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