CID और CBI क्या है सीआईडी और सीबीआई में अंतर जानिए

CBI क्या है CID क्या है सीआईडी और सीबीआई में अंतर क्या हैं अगर आप न्यूज या अखबार पढ़ते है तो आपने कई बार CID और CBI के बारे में सुना होगा वैसे आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर CID क्या होता है और CBI क्या होता है क्या इनमें कोई अंतर है या नहीं. चूकीं जब ये दोनों जांच एजेंसियां किसी अपराधिक मामले से जुड़ जाती हैं तो ये टीवी चेन्नल या अखबारों के लिए ब्रेकिंग न्यूज बन जाती है. हर देश में अपराधिक मामलों को सुलझाने या हल करने के लिए कई बड़ी बड़ी जाँच एजेंसियों होती है फिलहाल हमारे देश में कई एजेंसियां है जो अपराधिक मामले की जाँच करती है. तो आज हम आपको इसी विषय के बारे में बताने जा रहे हैं.

cbi क्या है
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CBI क्या है

आपको बता दे कि CBI की फुल फॉर्म Central Bureau of Investigation होती है जिसे हिंदी भाषा में केंद्रीय जांच ब्यूरो भी कहते हैं इसके नाम से ही जाहिर है कि ये ये पूरे भारत की जाँच एसेंजी है हर देश की केन्द्रीय जाँच एजेंसी होती है उसी तरह भारत की केन्द्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई है जो देश और विदेश स्तर पर होने वाले अपराधों जैसे हत्या, घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों और राष्ट्रीय हितों से संबंधित अपराधों की भारत सरकार की तरफ से जाँच करती है.

आपको बता दे कि सीबीआई स्थापना भारत की आजादी के 6 साल पहले यानी 1941 हुई थी वहीं साल 1963 में इसे CBI यानी केंद्रीय जाँच ब्यूरो नाम दिया गया था. भारत सरकार राज्य सरकार की सहमति से किसी भी अपराधिक मामले की जांच करने कि जिम्मेदारी CBI को सौपतीं है. वैसे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय बिना राज्य सरकार की सहमति के भी CBI को जाँच करने का आदेश दे सकते हैं. इसमें शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को SSC बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना होता है.

CID क्या है

आपको बता दे कि CID की फुल फॉर्म Crime Investigation Department होती है यह एक ऐसी जांच एजेंसी है जो केवल राज्य स्तर के अपराधिक मामलों की जाँच करती है यानी राज्य में किसी भी जगह जो भी दंगे, हत्या, अपहरण, चोरी के मामले होते हैं उनकी जांच की जिम्मेदारी CID की होती है. सीआईडी एक राज्य में पुलिस का जांच और खुफिया विभाग होता है.

आपको बता दे इसकी स्थापना अंग्रेजो के समय यानी पुलिस आयोग की सिफारिश पर ब्रिटिश सरकार ने 1902 में की थी. हर राज्य की अलग अलग सीआईडी जांच एजेंसी होती है जिनके संचालन का अधिकार राज्य की सरकार या राज्य के हाई कोर्ट के पास होता है यानी राज्य सरकार या फिर हाई कोर्ट राज्य के किसी अपराधिक मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपती है. इसमें शामिल होने के लिए पुलिस कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है.

CID और CBI में अंतर

अब आपको समझ में आ गया होगा कि CID क्या है और CBI क्या है यहां हम आपको सीबीआई और सीआईडी दोनों जाँच एजेंसियों में कुछ प्रमुख अंतर बताने जा रहे है जिनसे आप दोनों जांच एजेंसी के बारे में काफी कुछ अंतर जान सकते हैं

  1. CID जाँच एजेंसी का काम करने का क्षेत्र एक राज्य होता है जबकि CBI के काम करने का क्षेत्र पूरा भारत और विदेश तक होता है.
  2. जांच एजेंसी सीआईडी के पास जो भी अपराधिक मामले आते हैं उनकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और हाई कोर्ट सौंपी है जबकि सीबीआई के पास जो अपराधिक मामले आते हैं उनके जाँच की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और हाई कोर्ट, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सौपीं जाती है.
  3. CID में शामिल होने के लिए पहले पुलिस में भर्ती होना पड़ता है इसके बाद CID ऑफिसर बना जा सकता है वहीं CBI में शामिल होने के SSC बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना होता है.
  4. सीबीआई की स्थापना साल 1941 में हुई थी जबकि सीआईडी की स्थापना साल 1902 में हुई थी.

अब आप जान गए होंगे कि CID क्या है CBI क्या है CID और CBI में अंतर क्या हैं. ज्यादातर लोग सीआईडी से ज्यादा सीबीआई को महत्व देते हैं क्योंकि ये इस जाँच एजेंसी की पहुँच देश ही नहीं बल्कि विदेश तक है यानी अपराधी देश से बाहर भी चला जाए तो ये जाँच एजेंसी उसका पीछा नहीं छोड़ती है. देश में CID से ज्यादा सीबीआई मशहूर है क्योंकि ये जाँच एजेंसी जब भी किसी मामले की जांच करती है तो यह देश की मीडिया के लिए ब्रेकिंग न्यूज़ बन जाती है.

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5 COMMENTS

  1. सर आपके आर्टिकल को पढ़ने के बाद किसी और ब्लॉग के आर्टिकल को पढ़ने की जरूरत ही नहीं पढ़ती है।

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