कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था और कब

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था और कब इसमें आपको कंप्यूटर का आविष्कार और कंप्यूटर के भारत में पहले कदम के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। जैसा कि हम सभी जानते हैं आज के समय हर जगह कंप्यूटर की डिमांड रहती है शायद ही ऐसा कोई ऑफिस होगा जहाँ कंप्यूटर का इस्तेमाल न किया जाता हो अगर आप भी पढ़ाई कर रहे हैं या कोई नौकरी कर रहे हैं तो आपको मालूम होगा कि आज के जमाने को कंप्यूटर की कितनी आवश्यकता है।

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था

वैसे देखा जाए तो दुनिया को आधुनिक बनाने में सबसे ज्यादा योगदान कंप्यूटर का ही है क्योंकि इससे लगभग सभी काम आसान हो गए हैं और कंप्यूटर के द्वारा बड़ी से बड़ी कैलकुलेशन भी चुटकियों में की जा सकती हैं चाहे कोई भी फील्ड हो जैसे चिकित्सा, मनोरंजन, तकनीक, खेल सभी जगह कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर कंप्यूटर को आधुनिक दुनिया का जनक कहा जाए तो गलत नहीं होगा ऐसे में अब आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर इस क्रांतिकारी चीज का आविष्कारक कौन है।

आज के समय में लगभग हर काम कंप्यूटर के माध्यम से ही होता है एक पोर्टेबल कंप्यूटर जिसे हम लैपटॉप भी कहते हैं पहले के समय कंप्यूटर को केवल एक ही जगह पर रखकर चलाया जाता था लेकिन इसमें अब कई परिवर्तन हो गए हैं। लैपटॉप इसका आधुनिक रूप है जिसे कहीं पर ले जाकर चला सकते हैं इस आर्टिकल में हम आपको लैपटॉप के बारे में भी बताऊंगा कि पहला लैपटॉप कब और किसने बनाया था। आशा करूंगा आपको आर्टिकल पसंद आएगा तो आइए आर्टिकल शुरू करते हैं और देख लेते हैं

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था

कंप्यूटर का सिद्धांत सबसे पहले Charles Babbage ने दुनिया के सामने रखा था, यह एक मैकेनिकल कंप्यूटर था इसलिए Charles Babbage को कंप्यूटर का पितामाह भी कहा जाता है। आज आप जैसे आधुनिक कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं इस कंप्यूटर की नींव रखने का पूरा श्रेय चार्ल्स बब्बेज को जाता है जिन्होंने 1833 से 1871 के बीच कंप्यूटर का अविष्कार किया था।

हालांकि दुनिया में बहुत से लोग मानते हैं कि पहला कंप्यूटर 1622 मैं आया अबेकस था, लेकिन क्योंकि अबेकस केवल एक गणना करने का तंत्र था इसलिए इसे पूर्णतया कंप्यूटर का श्रेय नही दिया जा सकता।

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था

प्रथम इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया

विश्व के प्रथम इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का निर्माण Presper Eckert और john Mauchly ने वर्ष 1945 में किया था, इस कंप्यूटर का आविष्कार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया गया था। विश्व के प्रथम इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का नाम ENIAC था, इस कंप्यूटर में 10,000 Capacitors, 70,000 Resistor और 18,000 Vacuum Tubes थी।

विश्व के प्रथम कंप्यूटर का आकार एक कमरे जितना था इस कंप्यूटर का विद्युत उपभोग 200 वाट से ज्यादा था, इस कंप्यूटर को सर्वप्रथम अमेरिका में बनाया गया था और आज के कंप्यूटर की तुलना में यह बहुत बड़ा था। इस कंप्यूटर के चलने का पूरा प्रोसेस बिल्कुल आज के कंप्यूटर के जितना ही था लेकिन यह इतना फास्ट नहीं था।

हालांकि इस कंप्यूटर का पूरा सिद्धांत कॉपी करके ही आज का कंप्यूटर बना हुआ है विश्व के सर्वप्रथम कंप्यूटर की मेमोरी और स्टोरेज भी कुछ खास नहीं थी यह सब कुछ एक से 2 एमबी के बीच में ही निपट कर रह जाता था क्योंकि उस समय में टेक्नोलॉजी का उतना विकास नहीं हुआ था।

पहला प्रोग्रामेबल कंप्यूटर कब बना

विश्व का पहला कंप्यूटर कुछ खास टास्क परफॉर्म नहीं कर पाता था इसलिए दुनिया को एक प्रोग्रामेबल कंप्यूटर की आवश्यकता थी हर एक कंप्यूटर में कोई ना कोई प्रोग्राम होता है बिना प्रोग्राम के कंप्यूटर का कोई अस्तित्व नहीं रह जाता है, 1938 में विश्व का पहला प्रोग्रामेबल कंप्यूटर बनाया गया था जिस कंप्यूटर का नाम Z1 था।

इस कंप्यूटर को बनाने का पूरा श्रेय Konrad Zuse को जाता है इन्होंने यह मैकेनिकल कंप्यूटर 1936 से 1937 के बीच में बनाया था। इस कंप्यूटर से जुड़ा हुआ एक दिलचस्प किस्सा यह है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्लिन में इस कंप्यूटर को एक बम ब्लास्ट में उड़ा दिया गया था।

पहले कमर्शियल कंप्यूटर का आविष्कार किसने था और कब

विश्व के पहले कमर्शियल कंप्यूटर बनने से पहले लगभग सभी कंप्यूटर केवल वैज्ञानिक और लैबोरेट्री इस्तेमाल के लिए थे इस कमर्शियल कंप्यूटर को इंडस्ट्रियल कंप्यूटर भी कहा जाता है।

विश्व का पहला कमर्शियल कंप्यूटर UNIVAC था जैसा कि आपको हमने बताया था कि विश्व का पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर दो वैज्ञानिकों Presper Eckert और john Mauchly ने बनाया था इन्हीं वैज्ञानिकों ने यूनिवर्सल ऑटोमेटेड कंप्यूटर का निर्माण भी किया जो कमर्शियल इस्तेमाल किया गया।

यूनिवर्सल ऑटोमेटेड कंप्यूटर का निर्माण 14 जनवरी 1951 को किया गया था, इस कंप्यूटर में टास्क को करने के लिए काफी अधिक हार्डवेयर एलिमेंट्स की जरूरत थी। आज के समय में इस्तेमाल होने वाले मॉडर्न कंप्यूटर की नींव इसी कंप्यूटर ने रखी थी, इस कंप्यूटर में काफी ज्यादा वेक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था।

पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर

विश्व के प्रथम इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर का आविष्कार 1939 से 1942 के बीच किया गया, इस कंप्यूटर को Pro. John Atanasoff और उनके स्टूडेंट Clifford Berry ने किया था। यह दोनों lowa स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका से बिलॉन्ग करते थे इन्होंने इस कंप्यूटर का नाम एबीसी (ABC) रखा था।

सुपर कंप्यूटर का आविष्कार कब और किसने किया

सुपर कंप्यूटर 1960 में Seymour Cray द्वारा बनाया गया था, सुपर कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर होता है जो नॉर्मल कंप्यूटर के बजाय तेज काम कर पाता है कई लोगों को लगता है कि सुपर कंप्यूटर हमारे नॉर्मल कंप्यूटर से तेज टास्क को प्रोसेस करता है लेकिन ऐसा नहीं है।

जहां हमारा नॉर्मल कंप्यूटर एक समय पर जीरो और वन की एक स्ट्रिंग के साथ काम करता है लेकिन सुपर कंप्यूटर इसी तरह की मल्टीपल स्ट्रिंग पर काम कर सकता है यानी कि यह एक समय पर अधिक डाटा को प्रोसेस कर सकता है  सैटेलाइट और अन्य बड़ी मशीनरी में सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि उन्हें एक समय पर अधिक डाटा को प्रोसेस करना होता है।

जैसा कि हमने आपको बताया सुपरकंप्यूटर 1960 में Seymour Cray नाम के व्यक्ति द्वारा बनाया गया था यह अमेरिका के डाटा कंट्रोल कारपोरेशन में एक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर था। इसीलिए Seymour Cray सुपर कंप्यूटर का पिता कहा जाता है। हालाँकि इसके बाद भी कई अन्य प्रकार के सुपरकंप्यूटर बनाये गए थे लेकिन सबसे पहले सुपर कंप्यूटर Seymour Cray द्वारा ही बनाये गए थे और एक समय में यह कंपनी सुपरकंप्यूटर बनाने में सबसे आगे भी थी।

Seymour Cray के द्वारा विकसित किये गये पहले मान्यता प्राप्त सुपरकंप्यूटर का नाम CDC 6600 था। CDC 6600 से पहले भी इन्होने कई सुपरकंप्यूटर के डिजाइन बनाये थे लेकिन वे सब सफल नही हो सके थे।

भारत में कंप्यूटर कब आया

जादवपुर यूनिवर्सिटी तथा भारतीय सांख्यिकी विभाग ने मिलकर भारत का पहला कंप्यूटर ISIJU वर्ष 1966 में बनाया था हालांकि भारत में कंप्यूटर का इतिहास काफी पुराना है लेकिन ISIJU भारत में निर्मित पहला कंप्यूटर था।

यह एक विशेष कंप्यूटर था इस कंप्यूटर की विशेषता यह है कि यह कंप्यूटर वेक्यूम ट्यूब उसकी बजाए ट्रांजिस्टर का प्रयोग करता था वेक्यूम ट्यूब उस की बजाय ट्रांजिस्टर एक नई और उत्तम तकनीक है आज के समय में भी कंप्यूटर और लैपटॉप में ट्रांजिस्टर का ही प्रयोग किया जाता है।

भारत में पहला कंप्यूटर कहां पर स्थापित किया गया

भारत में पहला कंप्यूटर द्विसेज दत्ता ने कोलकाता के विज्ञान संसथान में स्थापित किया था। द्विसेज दत्ता ने वर्ष 1952 में भारत में पहले कंप्यूटर की स्थापना की थी, इसके कुछ समय बाद 1956 में भारत में पहला डिजिटल कंप्यूटर बनाया गया जिसका नाम HEC-2M था।

उस समय तक विश्व के विकसित देशों तक ही कंप्यूटर की पहुँच थी एशिया में जापान के बाद भारत दूसरा ऐसा देश था जो कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा था। यह भारत देश के लिए एक गर्व की बात थी। 

भारत ने सुपर कंप्यूटर कब बनाया

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर भारत की सेंट्रल डेवलपमेंट आफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग के वैज्ञानिकों ने मिलकर बनाया था इस कंप्यूटर का नाम Param 1000 था, इस कंप्यूटर का पूरा नाम पैरालाल मशीन था Param 1000 वर्ष 1981 में और Param 10,000 का निर्माण 1998 में किया गया था।

भारत में सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल मौसम विभाग और रिमोट सेंसोरिंग टेक्नोलॉजी के लिए किया जाता है इस कंप्यूटर को डिजाइन करने का पूरा श्रेय विजय भटकर को जाता है।

लैपटॉप का आविष्कार किसने किया था और कब

कंप्यूटर के बाद पोर्टेबल कंप्यूटर का समय आया जब वर्ष 1981 में पहला लैपटॉप Osborne I आया जिसे हम असल मायनो में लैपटॉप का दर्जा दे सकते है। यह आज के मॉडर्न लैपटॉप की तरह बिल्कुल भी नहीं था यहां पर बहुत सीमित मात्रा में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया था और वजन में भी काफी भारी भरकम था ओसबोर्न नाम की कंपनी ने इस लैपटॉप को बनाया था।

इस लैपटॉप में प्रीइंस्टॉल्ड सॉफ्टवेयर्स के साथ ही एक छोटी स्क्रीन भी मिलती थी जब इस लैपटॉप को मार्किट में उतारा गया तो अमीरों के बीच यह लैपटॉप काफी मशहूर हुआ इस लैपटॉप की शुरुआती कीमत $1795 अमेरिकी डॉलर रखी गई थी लेकिन फिर भी लोगों ने इस लैपटॉप को काफी भारी मात्रा में खरीदा था।

इस लैपटॉप की अपार सफलता के बाद कई कम्पनीज के लैपटॉप मार्किट में आए, IBM द्वारा 5155 नाम के पर्सनल कंप्यूटर को वर्ष 1988 में मार्किट में उतारा। इसके बाद कंपास कंपनी ने भी मार्केट में अपना Compaq SLT/286 नामक कंप्यूटर मार्केट में उतारा था यह एक नया इनोवेशन था क्योंकि इस लैपटॉप में वेगा 3 नामक ग्राफिक कार्ड का भी इस्तेमाल किया गया था।

इस आर्टिकल में हमने जाना कि कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था और कब इस आर्टिकल में मैंने भारत में कंप्यूटर के पहले कदम के बारे में भी पूरी जानकारी दी है, और साथ ही साथ लैपटॉप और सुपर कंप्यूटर के बारे में भी जानकारी साझा करने की कोशिश की है। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो इसे अपने निजी साथियों के साथ साझा करना बिल्कुल भी ना भूले अगर आपको कोई जानकारी समझ नहीं आई है या कोई टॉपिक छूट गया है तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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