दुनिया का सबसे छोटा देश कौन सा है नाम और जनसंख्या जानिये

आज आप जानेंगे कि दुनिया का सबसे छोटा देश कौन सा है इसका नाम और जनसंख्या हमारे विश्व में छोटे बड़े मिलाकर लगभग 195 कंट्री है जिनमें कुछ इतने बड़े हैं कि इनका आकार विश्व के देशों की तुलना में काफी अधिक है। जबकि कुछ इतने छोटे हैं जिनका आकार हमारे किसी कंट्री के किसी जिले या फिर कस्बे के बराबर है। वैसे देखा जाये तो देश दुनिया में अधिकतर बड़े और ताकतवर देशों की बात होती है क्योंकि ये कंट्री किसी न किसी कारण से सुर्ख़ियों में बने रहते हैं लेकिन छोटे और कमजोर देश की चर्चा बहुत कम होती है। यहीं वजह होती है कि इन देशों के बारे में बहुत कम लोगो को पता होता है।

दुनिया का सबसे छोटा देश कौन सा है

अगर आपसे पूछा जाए कि क्षेत्रफल और जनसंख्या की द्रष्टि से विश्व के सबसे बड़े देश कौन से है तो आपका जबाव होगा रूस और चाइना क्योंकि इसके बारे में अधिकतर लोगो को पता होता है। लेकिन छोटे देशों की जानकारी बहुत कम जगह होती है ऐसे में महज कुछ लोग ही इसका उत्तर जानते हैं। क्षेत्रफल की द्रष्टि से विश्व का सबसे बड़ा देश रूस है जो एशिया से लेकर पूर्वी यूरोप तक फैला है इस लिस्ट में हमारा भारत सातवें स्थान पर मौजूद है। वहीं अगर जनसंख्या के हिसाब से देखें तो पहले स्थान पर चाइना है दूसरे तीसरे स्थान पर भारत और अमेरिका है। चलिए अब आपको विश्व के सबसे छोटे देश के बारे में बताते हैं।

दुनिया का सबसे छोटा देश कौन सा है

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि दुनिया का सबसे छोटा देश Vatican City है जो इटली की राजधानी रोम के बीचों बीच बसा हुआ है इस कंट्री की स्थापना साल 1929 में हुई थी इसके बाद से ही इसे अंतर्राष्ट्रीय देशों से मान्यता भी हासिल है। यह इटली के साथ 2 मील की सीमा से घिरा हुआ है जिसका कुल क्षेत्रफल 44 हेक्टेयर (लगभग 110 एकड़) है यहाँ की जनसंख्या 825 के करीब है।

दुनिया का सबसे छोटा देश कौन सा है

अब आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर इटली की राजधानी रोम के बीचों बीच यह देश अलग कैसे हुआ तो बात साल 1871 की है जब इटली अलग अलग राज्यों में बंटा हुआ था। इसके अधिकतर राज्यों में कैथोलिक इसाईयों के धर्मगुरु जिन्हें पोप के नाम से भी जाना जाता है का शासन हुआ करता था। जब इटली संगठित हुआ तो पोप की शक्तियां कम होती चली गयी।

क्योंकि पोप की अनुमति के बिना ही इनके शासित राज्यों को इटली में शामिल कर लिया गया था जिसके कारण इटली के राजा और पोप के बीच मतभेद हो गए थे। इसके बाद 11 फरवरी 1929 को वेटिकन सिटी के पोप पायस XI और तानाशाह मुसोलिनी के बीच एक संधि हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि इटली के किसी भी राजनैतिक फैसले में पोप शामिल नहीं होंगे बदले में वेटिकन सिटी जो पोप के शासन का केंद्र था को एक राष्ट्र का दर्जा मिलेगा। यही वजह है कि आज वेटिकन सिटी एक स्वतंत्र देश है।

Vatican City के बारे में

एक रिपोर्ट के मुताबिक Vatican City में महज 825 लोगो की जनसंख्या है इनकी खुद की आर्मी है जिसमें कुल 110 लोग हैं इस आर्मी में शामिल होने के लिए यहाँ के नागरिकों को कड़े प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। भले ही इनके पास एयरपोर्ट नहीं है लेकिन इनके नागरिकों के पास वैटिकन सिटी का पासपोर्ट होता है।

इन सबके अलावा यहाँ स्वयं का झंडा, डाकघर, रेडियो स्टेशन और खुद की अपनी करेंसी है जो इटली में भी मान्य है। साल 1930 में यहाँ रेलवे स्टेशन बनाया गया था हालाकि अब इस रेलवे स्टेशन का इस्तेमाल स्थानीय लोगो के ज्यादा पर्यटक करते हैं। इस कंट्री के अलग होने की वजह राजशाही परंपरा है जो वर्षो से चली आ रही है इसके राजा पोप होते हैं राजा पोप के रहने के लिए यहाँ शानदार महल जिसमें सुंदर बगीचे, म्यूजियम, पुस्तकालय है।

तो अब आप जान गए होंगे कि दुनिया का सबसे छोटा देश कौन सा है हालाकि अब आप ये भी जानना चाहते होंगे कि इस छोटे से देश की आय कैसे होती होगी बता दे कि इस कंट्री की आय के लिए अपना कोई अलग साधन नहीं है। लेकिन दुनिया भर में फैले कैथोलिक ईसाइयों द्वारा दिए गए धन से इस देश का काम बहुत अच्छे ढंग से चलता है। इसके अलावा यहाँ काफी पर्यटक भी आते हैं जिनसे स्थानीय लोगो की आमदनी होती है।

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