हॉलीवुड और बॉलीवुड में क्या अंतर है

आइये आज जानते हैं हॉलीवुड और बॉलीवुड में क्या अंतर है यदि आप भी मूवी देखने का शौंक रखते हैं तो आपने बॉलीवुड और हॉलीवुड का नाम जरुर सुना होगा। दरअसल अमेरिका में स्थित फिल्म इंडस्ट्रीज को हॉलीवुड के नाम जाना जाता है जो विश्व भर में लोकप्रिय है जबकि भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज को बॉलीवुड के नाम से जाना जाता है। बॉलीवुड फिल्मों को भारत के अलावा कुछ गिने चुने देशों में देखा जाता है ऐसे में इसकी लोकप्रियता अमेरिकन फिल्मों के मुकाबले बहुत कम है क्योंकि हॉलीवुड फिल्मों को अमेरिका के अलावा दुनिया के अधिकतर देशों में देखा जाता है। इससे इनकी लागत और कमाई में भी काफी अंतर होता है अमेरिका में साल 1903 में पहली साइलेंट मूवी बनाई गयी थी इसके साथ ही हॉलीवुड का जन्म हो गया था।

हॉलीवुड और बॉलीवुड में क्या अंतर है

इसके 10 साल बाद साल 1913 में बॉलीवुड में पहली साइलेंट फिल्म राजा हरिश्चंद्र बनाई गयी थी। वैसे देखा जाए दोनों फिल्म इंडस्ट्रीज के जन्म के समय में ज्यादा अंतर नहीं है लेकिन हॉलीवुड ने शुरूआती समय में ही तरक्की करना शुरू कर दिया था। आज हॉलीवुड विश्व का सबसे बड़ा सिनेमा जगत माना जाता है जबकि भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज को लोगो के दिलों में जगह बनाने के लिए 20 से 30 साल लग गए थे। इसके कई कारण हैं जैसे उस समय भारत ब्रिटिश हुकूमत के अंदर आता था इसलिए भारतीय फिल्मों को उतनी पहुँच नहीं मिली जितनी मिलनी चाहिए उस समय भारत में फिल्मों को पैसे वाले लोग ही देखा करते थे। जबकि अमेरिका एक स्वतंत्र देश था और उसे अपनी फिल्मों को विश्व भर में पहुंचाने के लिए अपने देश का पूरा साथ मिला था।

हॉलीवुड और बॉलीवुड में क्या अंतर है

अगर आपने दोनों इंडस्ट्रीज की फिल्म देखी हैं तो आपने भी महसूस किया होगा कि हॉलीवुड और बॉलीवुड में बहुत अंतर है जैसे हॉलीवुड में साइंस फिक्शन और वॉर इनकी मुख्य शैली होती है। जबकि बॉलीवुड में अधिकतर पारिवारिक और लव स्टोरी की फिल्म देखने को मिलती हैं इसके साथ ही इनके निर्माण में करने की शैली में भी Difference होता है। हॉलीवुड में बॉलीवुड की तुलना में उच्च तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।

1. तो सबसे पहले टेक्नोलॉजी की बात करते हैं हॉलीवुड में सबसे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इससे फिल्मों के दृश्यों को रोमांचक और रीयलिस्टिक बनाया जाता है हॉलीवुड की अधिकतर फिल्मों इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है जबकि बॉलीवुड में VFX जैसी तकनीक का प्रयोग काफी कम होता है।

2. अगर विश्व की लोकप्रिय हॉलीवुड फिल्मों को देखा जाए तो उनका बजट हजारों करोड़ों का होता है जबकि बॉलीवुड फिल्मों का बजट सैकड़ों करोड़ों का होता है।

3. आपको जानकर हैरानी होगी कि एक साल में बॉलीवुड में हॉलीवुड से अधिक फिल्म बनती है लेकिन दोनों इंडस्ट्रीज में कमाई का काफी अंतर है। उदाहरण के तौर पर जितना बॉलीवुड की पांच फिल्म कमाती हैं उतना हॉलीवुड की एक फिल्म का बजट होता है और चूँकि पूरे विश्व का के लोग देखते हैं ऐसे में इनकी कमाई भी हजारों करोड़ों में होती है।

4. हॉलीवुड में तकरीबन 90 प्रतिशत फिल्म ओरिजिनल होती है इनमें न तो किसी की कॉपी होती है और न ही किसी विशेष पर आधारित होती है जबकि बॉलीवुड में कई फिल्मों को रीमेक के नाम कॉपी कर दिया जाता है। जैसे आजकल काफी फिल्में साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्रीज से कॉपी की जा रही हैं।

5. अमेरिकन फिल्म इंडस्ट्रीज में अधिकतर मूवी साइंस फिक्शन और वार जैसे विषय पर बनाई जाती है और यह अभी से नहीं वल्कि हॉलीवुड की शुरुआत से ही है अगर आप इसके इतिहास को देखेंगे तो पाएंगे कि अधिकतर फिल्में साइंस फिक्शन और वार पर ही बनाई गयी हैं। जबकि बॉलीवुड में गिनी चुनी फिल्में साइंस फिक्शन होती है भारत में अधिकतर फिल्मों का विषय लव स्टोरी, ड्रामा, कॉमेडी, रोमांस और एक्शन होता है।

6. अब एक नजर दोनों इंडस्ट्रीज के म्यूजिक पर डालते हैं आप भी दोनों तरह की फिल्म देखते हैं तो आपने भी नोटिस किया होगा कि हॉलीवुड में गानों को इतना महत्त्व नहीं दिया जाता है। इनमे आपको बैकग्राउंड म्यूजिक जरुर देखने को मिलेंगे जबकि बॉलीवुड की 95 फीसदी फिल्मों में गाने होते हैं भारत में ऐसा माना जाता है कि अगर फिल्म में गाने नहीं होंगे तो फिल्म हिट नहीं होगी।

7. चूँकि अमेरिकन फिल्म इंडस्ट्रीज दुनिया की सबसे आधुनिक फिल्म इंडस्ट्रीज है जिसमें ज्यादातर फिल्में आधुनिकता पर होती है इसमें पारंपरिक चीजे नहीं दिखाई जाती है। हालाकि इसमें भी काफी फिल्में इतिहास पर बनाई गयी है जिनका चित्रण काफी अच्छी तरह से किया गया है बॉलीवुड की काफी पारिवारिक फिल्मों में आपको त्यौहार, शादी की रश्मे आदि सभी में पारंपरिक तरीका दिखाया जाता है।

8. अब बात करते हैं कॉमेडी की जो दोनों फिल्म इंडस्ट्रीज की मूवी में देखने को मिलती है लेकिन इनका तरीका अलग अलग होता है हॉलीवुड में कॉमेडी छोटी छोटी घटनाओं के जरिये दिखाया जाता है जबकि बॉलीवुड में एक्टर संवाद करके कॉमेडी करते हैं।

9. एक चीज और है जो दोनों में अंतर दिखाती है जैसे हॉलीवुड में एक्टर्स की अपेक्षा फिल्म मशहूर होती है उसके एक एक सीन लोगो को याद रहते हैं। जबकि बॉलीवुड में इसके उलट होता है हमारे यहाँ फिल्म के हीरो मशहूर होते हैं और इन हीरो हीरोइन को देखने के लिए लोग फिल्म देखने जाते हैं मतलब अमेरिकन फिल्मों में एक्टर फिल्म से मशहूर होते है जबकि भारत में फिल्म स्टार अभिनेता से मशहूर होती है।

10. फिल्मे अक्सर देश के कल्चर को भी दिखाती हैं जैसे अमेरिका में हस्बैंड वाइफ, प्रेमी प्रेमिका आसानी से अपना रिश्ता तोड़ देते हैं इससे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता और इसे अमेरिकन फिल्मों में भी देखा जा सकता है। जबकि भारतीय फिल्म में लोग अपने रिश्तों को आसानी से नहीं तोड़ते और भारत का कल्चर भी ऐसा है जहाँ किसी भी रिश्ते को काफी अहमियत दी जाती है।

हर फिल्म इंडस्ट्रीज की अपनी अलग पहचान होती है और सभी अपने वर्ग को लोकप्रिय होती हैं हॉलीवुड फिल्मों की ओरिजिनल लैंग्वेज इंग्लिश होती है ऐसे में दुनिया के अधिकतर देशों में इसकी पहुँच आसानी से हो जाती है। जबकि भारतीय फिल्म हिंदी और भारत की रीजनल लैंग्वेज में बनती है ऐसे में यह दूसरे देशों तक नहीं पहुँच पाती है यही कारण है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज के दर्शक हॉलीवुड की अपेक्षा बहुत कम हैं।

तो अब आप जान गए होंगे कि हॉलीवुड और बॉलीवुड में क्या अंतर है भारत में सिर्फ बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्रीज ही नहीं है बल्कि साउथ इंडियन टॉलीवुड, मराठी, भोजपुरी जैसी अनेक फिल्म इंडस्ट्रीज हैं इन सभी के अपने चाहने वाले हैं। भारत में पहले सिर्फ भारतीय फिल्मों को ही देखा जाता था लेकिन बीते कुछ सालों में हॉलीवुड ने भारत में एंट्री कर ली है और हमारे भारत में भी इनके चाहने वालों की कमी नहीं है काफी लोग भारतीय फिल्म देखने के अलावा अमेरिकन फिल्म देखना पसंद करते हैं। तो उम्मीद करते हैं इस आर्टिकल में आपको कुछ नया जानने को मिला होगा।

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