भारत की मोबाइल कंपनी कौन कौन सी है यहां जानिए

आज हम आपको इंडिया यानी भारत की मोबाइल कंपनी कौन कौन सी है इसके बारे में बताने जा रहे हैं अगर आप एक भारतीय है तो आपको पता होना चाहिए भारतीय मोबाइल कंपनी कौनसी है और कौनसा मोबाइल भारत का है ऐसी कौनसी कंपनी है जो विदेश की है ये हम आपको इसलिए बताने जा रहे है क्योंकि बहुत से भारतीय लोगो को देश की मोबाइल कंपनी और विदेश की मोबाइल कंपनी के बारे में पता नहीं है. भारत में मेक इन इंडिया का काम जोरो शोरो से चल रहा है लेकिन आज के समय ज्यादातर भारतीय विदेशी मोबाइल कंपनियों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. अगर आप भारत में मेक इन इंडिया का समर्थन करते है तो आपको भारत की कंपनी का मोबाइल खरीदना चाहिए. तो चलिए जानते हैं.

भारत की मोबाइल कंपनी कौन कौन सी है
bharat ki mobile company koun koun si hai

भारत की मोबाइल कंपनी कौन कौन सी है

भारतीय कंपनी के मोबाइल फोन

माइक्रोमैक्स, लावा, कार्बन, इंटेक्स, XOLO, स्पाइस, lyf, वीडियोकॉन, सेलकॉन, ओनिडा, HCL, विप्रो, iball, AKAI, टी सीरीज, सलोरा, arise और टेक्सला इंडियन कम्पनी है.

चीन की कंपनी के मोबाइल फोन

लेनोवो, असुस, कूलपैड, जियोनी, हुवाई, विवो, ओप्पो और शाओमी (एमआई) चीन की कंपनी है.

अमेरिका की कंपनी के मोबाइल फोन

Dell, एप्पल, एचपी, मोटोरोला, Infocus और माइक्रोसॉफ्ट अमेरिकी कम्पनी है.

जापान की कंपनी के मोबाइल फोन

सोनी, तोशीबा, SANSUI और पैनासोनिक जापानी कम्पनी है.

दक्षिण कोरिया की कंपनी के मोबाइल फोन

सैमसंग और एलजी दक्षिण कोरिया की कम्पनी है.

ताइवान की मोबाइल कंपनी

ASUS, ACER, HTC ताइवान की मोबाइल कंपनी है.

अन्य देश की कंपनी के मोबाइल फोन

फिलिप्स नीदरलैंड्स कम्पनी है. नोकिया फ़िनलैंड की कम्पनी है. ब्लैकबेरी और डाटाविंड कनाडा की कंपनी है.

अब आपको पता चल गया होगा कि इंडिया यानी भारत की मोबाइल कंपनी कौन कौन सी है आपको जानकर हैरानी होगी की भारत में सबसे ज्यादा मोबाइल कंपनी है लेकिन ये मोबाइल कंपनी चीन और विदेश की मोबाइल कंपनी की तुलना में इतनी ज्यादा फेमस नहीं इसलिए बहुत कम भारतीय लोगो को अपने देश की ही कंपनी का ही पता नहीं है. अगर आपको भी पता नहीं था तो आज आपको भी पता चल गया होगा.

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13 COMMENTS

  1. ये इंडिया की कंपनी भी माल तो सब चीन से ही बनवाती है । बस कंपनी यहां भारत की है तो उत्पाद को भारतीय माना जायेगा क्या ?
    मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया में फर्क होता है ।
    मैन्युफैक्चरिंग और असेम्बलिंग में फर्क होता है ।
    विरोध करना है तो अपने भारत मे मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाइए, न कि असेम्बलिंग को ।
    गलतफहमी दिमाग से निकाल दीजिये । आज एप्पल के iphone भी चीन से ही बनकर आ रहे है ।
    मोदी जी ने जिन कंपनियों की led बल्ब बिक़वाये थे वह भी सब चीन के ही थे ।

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