खड़े होकर पानी पीने के नुकसान जानिए

पानी मानव शरीर के लिए कितना आवश्यक है यह आप अच्छी तरह से जानते होंगे. आयुर्वेद के अनुसार शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है जिसमें अकेले पानी का हिस्सा 70 फीसदी है. मतलब आपका शरीर 70 फीसदी पानी से बना हुआ है. इससे आप अंदाजा लगा सकते है कि शरीर के लिए पानी कितना जरुरी है. यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको हमेशा समय पर पर पानी पीते रहना चाहिए. वैसे ज्यादातर लोगो को खड़े होकर पानी पीने की आदत होती है और बहुत से लोगो को पता नहीं होता है कि पानी को किस स्थिति में पीना चाहिए जिससे शरीर को कोई नुकसान न पहुंचे इसलिए यहां हम आपको खड़े होकर पानी पीने के नुकसान बताने जा रहे हैं अगर आपको यह जानकारी मालूम हो जाती है तो आप आने वाली कई बीमारियों से बच सकते हैं. खड़े होकर पानी पीने के फायदे तो न के बराबर है लेकिन इससे होने वाले नुकसान की कमी नहीं है.

डॉक्टरों की माने तो एक व्यक्ति को एक दिन में 7 से 8 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए. इससे आपका शरीर कई बीमारियों से बचा रहता है. आपको बता दे कि पानी शरीर के खराब पदार्थो को बाहर निकालने में और शरीर के खून को साफ रखने में मदद करता है. कुछ लोग बासे पानी को ही पी जाते हैं लेकिन अगर आप हमेशा स्वस्थ रहना चाहते है तो आपको बासे पानी को अवॉयड करना चाहिए और हमेशा ताजा पानी ही पीना चाहिए क्योंकि बासे पानी में जीवाणु पैदा हो जाते है जो आपको बीमार बना सकते हैं. इस पोस्ट में हम खड़े होकर पानी पीने के नुकसान के बारे में बात करने जा रहे हैं अगर आपको भी खड़े होकर पानी पीने की आदत है तो आपको अपनी आदत बदल देना चाहिए इससे आप आने वाली कई बीमारियों से अपने शरीर को बचा सकते हैं.

खड़े होकर पानी पीने के नुकसान जानिए

खड़े होकर पानी पीने के नुकसान

ऑर्थराइटिस

आपकी इस आदत से आपको ऑर्थराइटिस की बीमारी हो सकती है. अब आप जानना चाहते होंगे कि पानी पीने से घुटनों में दर्द की समस्या का क्या सम्बन्ध है तो आपको बता दे कि सीधे होकर पानी पीने से आपके घुटनों पर दवाब पड़ता है और जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थों का संतुलन बिगड़ जाता है. फिलहाल तो घुटनों की समस्या नहीं होगी लेकिन आने वाले समय में आपको ऑर्थराइटिस की समस्या हो सकती है.

पाचन तंत्र में समस्या

जब आप खड़े होकर पानी पीते है तो पानी नलिका के द्वारा पेट की निचली दीवार पर गिरता है चुकीं पानी नलिका से होता हुआ तेजी से गिरता है इसलिए इससे पेट की निचली दीवार और इसके आस पास के अंगो का क्षतिग्रस्त होने का खतरा बन जाता है. एक दो बार में तो कोई समस्या नहीं होती है लेकिन जब आप लम्बे समय तक ऐसे ही पानी पीते हैं तो इससे पाचन तंत्र में समस्या उत्पन्न हो जाती है.

किडनी में समस्या

आपको पता ही होगा कि किडनी का काम पानी को छानना होता है लेकिन जब आप सीधे होकर पानी पीते है पानी का कुछ हिस्सा बिना छने ही रह जाता है ऐसे में किडनी भी अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाती है. जब पानी पूरी तरह से नहीं छनता है तो किडनी में गंदगी रह जाती है जिसके परिणामस्वरूप यूरीन मार्ग में इन्फेक्शन और किडनी में समस्या उत्पन्न होती है.

अपच की समस्या

अगर आप सीधे होकर पानी पीते हैं तो आपको हमेशा अपच की समस्या होती है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पाचन करने वाले अंगो को सही से पानी नहीं मिल पाता है और पाचन करने वाले अंग अपना काम सही से नहीं कर पाते हैं. अगर आप बैठकर पानी पीते हैं तो इस स्थिति में आपका नर्वस सिस्टम रिलेक्स रहता है जो भोजन को पाचन करने की क्रिया में तेजी लाता है.

गठिया की बीमारी

खड़े होकर पानी पीने से गठिया जैसी बीमारी भी हो सकती है. जब आप सीधे होकर पानी पीते हैं तो शरीर में मौजूद द्रव्य पदार्थो का संतुलन बिगड़ जाता है. इसका सबसे ज्यादा प्रभाव हड्डियों के जोड़ो पर पड़ता है. इसमें शरीर के जोड़ो को आवश्यक द्रव्य पदार्थ नहीं मिल पाता है जिससे जोड़ो में दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है.

पेट की बीमारी

जब आप सीधे होकर पानी पीते है तो पेट के ऊपर भाग के अंगो को पानी नहीं मिल पाता है इसके साथ पेट के निचले अंगो को जरुरत से ज्यादा पानी मिल जाता है. पानी ज्यादा होने से पाचन रस काम करना बंद कर देता है जिससे भोजन को पचने में काफी समय लगता है और कभी कभी तो भोजन का कुछ हिस्सा अपच ही रह जाता है. ऐसे में खड़े होकर पानी पीने से पेट की बीमारी होने की सम्भावना बढ़ जाती है.

एसिड स्तर का बढ़ना

यदि भोजन का फायदा शरीर को मिलता रहे तो इसके लिए एसिड स्तर कम होना काफी जरुरी है सीधे होकर पानी पीने से एसिड स्तर सामान्य से बढ़ता है ऐसी स्थिति में अपच की समस्या होती है और भोजन का फायदा शरीर को नहीं मिल पाता है. इसलिए आपको कभी भी खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए.

तो अब आप खड़े होकर पानी पीने के नुकसान के बारे में जान गए होंगे यहां एक सवाल उठता है कि यदि सीधे होकर या खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए तो किस शारीरिक स्थिति में पानी पीना चाहिए तो आपको बता दे कि आयुर्वेद में उल्लेखनीय है कि व्यक्ति को बैठकर आराम से थोड़ा थोड़ा करके पानी पीना चाहिए. यदि व्यक्ति बैठकर और आराम से पानी पीने की आदत को अपना लेता है तो वह आने वाली कई बीमारियों से बच सकता है.

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