यूपीआई क्या होता है UPI ID कैसे बनाएं

आज के आर्टिकल में हम जानेंगे यूपीआई क्या होता है UPI ID कैसे बनाएं आपने अक्सर दुकानों पर लगे क्यूआर कोड्स को देखा होगा जिनको स्कैन करके आप तुरंत ट्रासैक्शन कर सकते है। आपने भी सोचा होगा कि आखिर यह सब कैसे काम करता है इस आर्टिकल में हम आपको UPI के बारे में पूरी जानकारी आसान भाषा में देंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यूपीआई को साल 2016 में पेश किया गया था और अब इतना इस्तेमाल होने लगा है कि इससे हर महीने करोड़ों रुपयों के लेनदेन किये जाते हैं।

यूपीआई क्या होता है

इस पेमेंट मेथड की सबसे ख़ास बात है इसमें पैसे ट्रांसफर करने के लिए बार बार बैंक की डिटेल्स नहीं देनी होती है बस इसमें आपको एक बार UPI वॉलेट जैसे फोनपे, पेटीएम या गूगलपे में अपना बैंक अकाउंट ऐड करना होता है। इसके बाद इन यूपीआई वॉलेट के माध्यम से आप कभी भी किसी भी व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं वह भी कुछ सेकंड के अंदर और यह पैसे किसी वॉलेट में स्टोर नहीं होते बल्कि आपके बैंक अकाउंट से कट के सामने वाले व्यक्ति के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर जाते हैं।

पहले के समय जब हमें किसी के खाते में पैसे जमा या ट्रांसफर करवाना होता था तब इसके लिए बैंक में जाकर लंबी लंबी लाइन में लगना होता था इसमें परेशानी का सामना करना पड़ता था और साथ ही समय भी बर्बाद होता था लेकिन अगर यही काम कुछ सेकंड में होने लग जाए तो कौन ऐसा व्यक्ति होगा जो इस नई तकनीक को नहीं आजमाना चाहेगा ऐसे ही कुछ फीचर की वजह से आज UPI देश का सबसे ज्यादा यूज किये जाने वाला पेमेंट सिस्टम बन गया है

यूपीआई क्या होता है

आपको बता दे यूपीआई एक इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है जिसकी मदद से आप सामने वाले व्यक्ति की बैंक अकाउंट डिटेल्स जाने बिना उसके खाते में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं UPI की Full Form को Unified Payments Interface कहा जाता है। UPI को एक दूसरा नाम VPA भी दिया गया है जिसका मतलब Virtual Payment Address होता है।

UPI या वर्चुअल पेमेंट ऐड्रेस ने मनी ट्रांसफर बहुत सरल कर दिया है अब आप तुरंत एक जगह से दूसरी जगह पर पैसे भेज सकते हैं यह बैंक ट्रांसफर से भी ज्यादा फास्ट रहता है क्योंकि यहां पर इंसटैंटली मनी ट्रांसफर की फैसिलिटी मिलती है और यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस का सारा प्रोसेस रियल टाइम चलता है। यूपीआई पर आप पेमेंट भेजने के साथ साथ रिसीव भी कर सकते हैं।

National Payments Corporation of India ने 11 अप्रैल 2016 में यूपीआई की शुरुआत की थी दरअसल 2016 में मोबाइल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल मनी ट्रांसफर की फैसिलिटी की जरूरत थी इसलिए यूपीआई सर्विस स्टार्ट की गई यूपीआई के आने के बाद बहुत सी मनी ट्रांसफर वाली एप्लीकेशंस को फायदा हुआ और देखते ही देखते इसके साथ 155 भारतीय बैंक भी जुड़ गए।

यूपीआई क्या होता है

दोस्तों यूपीआई द्वारा पैसे भेजना और इंटरनेट बैंकिंग एक जैसा ही लगता है, लेकिन आपको बता दूं कि इन दोनों में डिफरेंस है जो हम आगे देखेंगे।

2016 में जैसे ही इंटरनेट और मोबाइल ने लोगों में अपनी पहुंच बनाई ऑनलाइन मनी ट्रांसफर की जरूरतें भी बढ़ती गई इंटरनेट बैंकिंग से मनी ट्रांसफर करना काफी मुश्किल था और इसका कोई ना कोई आसान हल निकालना जरूरी था इसलिए सरकार ने यूपीआई सर्विस को स्टार्ट किया ताकि लोग आसानी से पियर टू पियर मनी ट्रांसफर कर सकें।

UPI ID की बनावट और Customization

आपकी यूपीआई आईडी आपके इंस्टाग्राम के यूजरनेम की तरह ही है यहां पर आपको कस्टमाइजेशन के पूरे ऑप्शन मिलते हैं लेकिन बिल्कुल इंस्टाग्राम के यूजर नेम की तरह अगर कोई यूपीआई आईडी अवेलेबल नहीं है तो आप उसे कस्टमाइज नहीं कर पाएंगे आपको एक यूनिक आईडी की जरूरत होती है।

UPI ID की बनावट YOURNAME@BANKNAME कुछ इस प्रकार से होता है यूपीआई आईडी में आप YOURNAME फील्ड को चेंज कर सकते हैं, बैंक नेम आपके बैंक के अनुसार ही रहेगा या आपके UPI प्रोवाइडर के हिसाब से भी रह सकता है।

यहां पर आपको यूपीआई आईडी का चुनाव करने के लिए चार पांच ऑप्शन भी मिलते हैं जिनमें से किसी भी एक बैंक के साथ मिलकर आप UPI ID बना सकते हैं कुछ यूपीआई आईडी के उदाहरण नीचे दिए गए हैं यहां पर एट द रेट (@) से पहले आपकी यूनिक आईडी होगी।

  • ICICI – @ibl
  • SBI – @oksbi
  • Axis – @okaxis

यूपीआई कैसे काम करता है

यूपीआई इंस्टेंट पेमेंट ट्रांसफर सिस्टम (IMPS) के सिद्धांत पर काम करता है यह नेट बैंकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली एक सर्विस है इसलिए आप कह सकते हैं कि यूपीआई नेट बैंकिंग का ही एक रूप है हालांकि UPI और नेट बैंकिंग में काफी फर्क है जो हम आगे देखेंगे।

जब आप यूपीआई पर आईडी बना लेते हैं तो आपका पासवर्ड सर्वर में सेव हो जाता है और जब भी आप किसी एप्लीकेशन के माध्यम से यूपीआई पेमेंट करते हैं तो आपको वही सेम पासवर्ड इंटर करना होता है पासवर्ड की वेरिफिकेशन होने के बाद आपकी पेमेंट सक्सेसफुल हो जाती है ध्यान रखिए कि अगर आपको पैसे रिसीव हो रहे हैं चाहे वह उस UPI ID पर रिसीव हो आपको पासवर्ड की जरूरत नहीं है केवल पेमेंट भेजने के लिए पासवर्ड की जरूरत होती है।

UPI ID कैसे बनाएं

कई लोगों का सवाल होता है कि यूपीआई आईडी कैसे बनाते हैं तो आपको बता दूं कि आप भीम यूपीआई, फोन पे, गूगल पे आदि सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से UPI ID बना सकते हैं भीम यूपीआई सरकार द्वारा लांच की गई ऑफिशियल एप्लीकेशन है जिस पर आप मिनटों में अपनी कस्टमाइजेबल यूपीआई आईडी और उसका QR CODE भी बना पाएंगे।

अगर किसी पैसे ट्रांसफर करने वाली एप्लीकेशन पर आप यूपीआई आईडी बनाते हैं तो उस यूपीआईडी से आप ऑनलाइन इंटरनेट बैंकिंग की तरह भी ट्रांजैक्शन कर सकते हैं जैसे कि अगर आप किसी वेबसाइट पर पैसे कटवा रहे हैं तो वहां पर आप वह UPI ID भर दीजिए। आपको आपकी एप्लीकेशन में डायरेक्ट पैसे भेजने का मैसेज मिल जाएगा जहां पर आप जब पैसे भेजेंगे तो ऑनलाइन ट्रांजैक्शन सक्सेसफुल हो जाएगी।

यूपीआई और नेटबैंकिंग में अंतर

दोस्तों इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई आईडी में मुख्य अंतर यही है कि इंटरनेट बैंकिंग हमें ऑनलाइन वेबसाइट पर एक डैशबोर्ड देता है जहां पर हम बैंक द्वारा दिए गए आईडी पासवर्ड से लॉगिन हो जाएंगे यह बैंक के सर्वर पर हमारा एक प्रकार से एडमिन पैनल या कहें तो डैशबोर्ड होता है जहां पर हम अपनी सभी सर्विस का इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं।

कई बैंकों में नेट बैंकिंग को भी बहुत आसान बना दिया गया है उदाहरण के लिए अगर आप एसबीआई बैंक कि नेट बैंकिंग देखेंगे तो वहां पर आपको yono.sbi नाम से एप्लीकेशन मिलती है जिसमें आप एक बार लॉग इन कीजिए और फिर आप हर बार पैसे ट्रांसफर करना और रिसिप्ट निकालने जैसी सुविधाओं का आनंद ले सकते है।

यूपीआई आईडी केवल मोबाइल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए है जहां पर नेट बैंकिंग को आप ऑफिशियल साइट पर जाकर लॉगइन करते हैं वहीं अगर आप यूपीआई सर्विस का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आपको पहले यूपीआई एक्टिवेट करनी होगी जो आप किसी भी पेमेंट ट्रांसफर वाली एप्लीकेशन में कर सकते हैं आपका जो मोबाइल नंबर है वह बैंक के साथ लिंक होना चाहिए जिस पर आप यूपीआई एक्टिवेट करना चाहते हैं।

उसके बाद एक बार उस मोबाइल नंबर पर UPI एक्टिवेट होने के बाद आप यूपीआई का पासवर्ड बना लीजिए और सभी पेमेंट ट्रांसफर वाली एप्लीकेशन में वही पासवर्ड का इस्तेमाल करना होगा नेट बैंकिंग का पासवर्ड अगर चोरी हो जाता है, तो वहां पर पैसे ट्रांसफर करने और फ्रॉड होने के चांस ज्यादा होते हैं लेकिन क्योंकि यूपीआई आईडी केवल आपके मोबाइल में ही चलाई जा सकती है या केवल ओटीपी वेरीफिकेशन से ही पैसे निकल सकते हैं तो यह कहीं ज्यादा सिक्योर मानी जाती है।

किसी भी आम नागरिक के लिए जिसको इंटरनेट बैंकिंग की इतनी समझ नहीं है, वह इंटरनेट बैंकिंग से पैसे ट्रांसफर नहीं कर पाएगा क्योंकि इंटरनेट बैंकिंग पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए चार जगह तो पासवर्ड ही भरने पड़ते हैं, सबसे पहले लॉगिन पासवर्ड उसके बाद प्रोफाइल पासवर्ड उसके बाद पेमेंट पासवर्ड और वेरिफिकेशन के लिए भी पासवर्ड पूछा जाता है।

इसलिए जिसको बैंकिंग की अधिक समझ नहीं है उसके लिए इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना काफी मुश्किल हो जाएगा और वह किसी धोखाधड़ी का शिकार भी हो सकता है। इसलिए देश में किसी ऐसी सर्विस की जरूरत थी जिससे मोबाइल इस्तेमाल करना वाला आम नागरिक भी आसानी से पैसे ट्रांसफर कर सके और जो रास्ता अधिक सिक्योर भी हो और कम इंफॉर्मेशन और नॉलेज वाले लोग भी पैसे ट्रांसफर कर सके।

RBI यूपीआई के ऊपर मुख्य अथॉरिटी रखती है, इसलिए सभी बैंक यूपीआई पर ट्रस्ट करते हैं, और UPI सर्विस प्रोवाइड करते हैं भारत के लगभग सभी बैंक यूपीआई के साथ कनेक्टेड है। इंडिया में लगभग सभी पैसे ट्रांसफर करने वाली एप्लीकेशन भी यूपीआई के साथ कनेक्टेड है।

आपने Gpay, Phonepe, Paytm आदि का नाम जरूर सुना होगा और इस्तेमाल भी किया होगा यह सभी एप्लीकेशंस भी यूपीआई सर्विस का इस्तेमाल करके ही ट्रांजैक्शंस करती हैं। नेट बैंकिंग की बजाय यूपीआई में पैसे ट्रांसफर करना काफी आसान रहता है क्योंकि UPI में एक बार आप यूपीआई पासवर्ड सेट कर लेते हैं।

उसके बाद जब आप किसी भी एप्लीकेशन में अपना मोबाइल नंबर से OTP वेरीफाई करेंगे तो वहां पर एप्लीकेशन में एप्लीकेशन द्वारा प्रोवाइड की गई यूपीआई आईडी से आसानी से पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे, वहां पर आपको अपना यूपीआई पिन इंटर करना है और आप ट्रांजैक्शन कर पाएंगे।

ध्यान रखिए कि यूपीआई पिन ही आपकी एकमात्र सिक्योरिटी है इसलिए सिक्योरिटी का सारा झंझट सेंट्रलाइज हो जाता है और आपको सिक्योरिटी के लिए अधिक ज्ञान की जरूरत भी नहीं है आप केवल अपना यूपीआई का पासवर्ड सुरक्षित रखिए आपका पैसा सुरक्षित है।

इस आर्टिकल में हमने यूपीआई क्या होता है UPI ID कैसे बनाएं के बारे में जिक्र किया है, यहां पर यूपीआई आईडी और नेट बैंकिंग के बीच में होने वाले डाउट को भी सही से समझाया गया है आशा करूंगा कि आपको यह समझ आ गया होगा। अगर आपको यूपीआई के बारे में कुछ भी और पूछना है तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं हम 24 घंटे के अंदर रिप्लाई देकर आपके क्वेश्चन का आंसर देने की कोशिश करेंगे।

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