Z Plus सिक्योरिटी क्या होती है यह किसके पास है

Z Plus सिक्योरिटी क्या होती है यह किसके पास है इसके साथ साथ हम और भी बहुत सी चीजों के बारे में जानेंगे जैसे कि Z Plus सिक्योरिटी किसे मिलती है इसमें कितने सुरक्षाकर्मी होते हैं आज हम इस आर्टिकल में इसके बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। जेड प्लस सुरक्षा देने का निर्णय मुख्यता इंटेलिजेंस ब्यूरो और केंद्र सरकार अधिकारियों के द्वारा दिया जाता है।

Z Plus सिक्योरिटी क्या होती है

केंद्र सरकार खुफिया विभागों से प्राप्त सूचना के आधार पर वीआईपी लोगों को Z Plus और अन्य तरह की सुरक्षा देने का आदेश देती है। जब भी कोई राजनेता देश में किसी जगह विजिट करता है तो सबसे पहले उसकी सुरक्षा पर ध्यान दिया जाता है और इसके लिए कई सारे इंतजाम किये जाते हैं भारत में सरकारी सिक्योरिटी की बात करें तो यह एक आम व्यक्ति से लेकर बड़े राजनेता किसी को भी प्रदान की जा सकती है हालाकि इसके लिए वैलिड कारण होना चाहिए

जेड प्लस सिक्योरिटी दो तरह से प्रदान की जाती है Z Plus सिक्योरिटी और जेड सिक्योरिटी, आमतौर पर यह सिक्योरिटी देश के बड़े सेलिब्रिटीज, केंद्र के बड़े मंत्रियों, राज्य के मुख्यमंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश को मिलती है। भारत में फिलहाल 450 लोगों को खास सिक्योरिटी मिली हुई है, जिनमें से 15 लोगों को जेड प्लस कैटिगरी की सिक्योरिटी मिली हुई है।

इस आर्टिकल को पढ़कर आपको बहुत ही आनंद आएगा इसलिए आर्टिकल के आखिर तक बने रहिए तो चलिए वक्त जाया ना करते हुए आर्टिकल को जल्दी से जल्दी शुरू करते हैं और देख लेते हैं कि Z Plus Security Kya Hoti Hai उम्मीद करता हूं आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आएगा।

Z Plus सिक्योरिटी क्या होती है

Z Plus देश की सबसे बड़ी सिक्योरिटी है यह सिक्योरिटी सबसे सख्त और कड़ी सिक्योरिटी की श्रेणी में आती है जेड प्लस सिक्योरिटी देश की बड़ी-बड़ी हस्तियों को मुहैया कराई जाती है, जिसमें 36 सुरक्षाकर्मी सेवा में तैनात होते हैं और इसमें 10 एनएसजी (National Security Guards) कमांडोज भी शामिल होते हैं।

इन कमांडोज के पास अत्याधुनिक हथियार होते हैं Z Plus Security में कुछ एसपीजी (Special Protection Group) कमांडोज के साथ साथ कुछ पुलिस भी शामिल होती है इसके अलावा जेड प्लस सुरक्षा में ITBP और CRPF के जवान भी शामिल होते हैं। जेड प्लस सिक्योरिटी में पहले घेरे की जिम्मेदारी एनएसजी कमांडोज की होती है दूसरे घेरे की जिम्मेदारी एसपीजी कमांडो उसकी होती है जेड प्लस सिक्योरिटी में पायलट वाहन की भी सुविधा दी जाती है।

जेड प्लस सिक्योरिटी का गठन 8 अप्रैल 1985 को हुआ था इसमें शामिल होने वाले जवानों को विशेष प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है Z Plus सिक्योरिटी का साल भर का बजट 300 करोड़ के पार पहुंच जाता है जेड प्लस सुरक्षा देश की सबसे महंगी सुरक्षा है।

Z Plus सिक्योरिटी से जुड़ी कैटेगरी

Z Plus सिक्योरिटी के अलावा भी वीआईपी को कई अन्य प्रकार की सिक्योरिटी / सुरक्षा मुहैया कराई जाती है हम नीचे इन्हीं सुरक्षा के बारे में बात करने वाले हैं।

1. Z सिक्योरिटी

जेड सिक्योरिटी में 22 सुरक्षाकर्मी होते हैं और 5 एनएसजी कमांडोज जिनकी वे सुरक्षा कर रहे हैं उसके नजदीक हर समय मौजूद रहते हैं सुरक्षा में आईटीबीपी (Indo-Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) के जवान लगाए जाते हैं। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस और कुछ स्थानीय पुलिस के भी सुरक्षाकर्मी होते हैं जेड सिक्योरिटी में पायलट वाहन जैसी सुविधा मुहैया कराई जाती है।

2. Z Plus सिक्योरिटी

यह सुरक्षा का तीसरा स्तर होता है इस सुरक्षा में कुल 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं जिसमें 2 कमांडो भी शामिल होते हैं। पुलिस के 58 स्थानीय जवानों को वीआईपी की सुरक्षा के लिए उनके घर और आसपास के इलाकों में तैनात किया जाता है इसके साथ ही 6 पीएसओ 3 शिफ्ट में काम करते हैं।

3. Y सिक्योरिटी

वाई कैटेगरी की सुरक्षा उन्हें दी जाती है जिन्हें कम खतरा होता है इसमें कुल 8 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। जिस व्यक्ति को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है उसके घर पर 5 स्थानीय गार्ड की तैनाती की जाती है इसके साथ ही 3 पीएसओ 3 शिफ्ट में काम करते हैं।

4. X सिक्योरिटी

एक्स कैटेगरी की सुरक्षा में 3 गार्ड तैनात होते हैं इसमें 1 पीएसओ (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) शामिल होता है देश में कई लोगों को यह सुरक्षा मिली हुई है लेकिन आपको बता दें कि इस सुरक्षा में कोई कमांडो शामिल नहीं होता है।

Z Plus सिक्योरिटी किसके पास है

जेड प्लस सिक्योरिटी बहुत ही कड़ी और महत्वपूर्ण सुरक्षा मानी जाती है, इसलिए इस सुरक्षा को देश की बड़ी-बड़ी हस्तियों को मुहैया कराया जाता है। जिनमें शामिल है- प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश या पूर्व न्यायाधीश, केंद्रीय मंत्री, विधायक, पार्षद, जज, पूर्व जज, बिजनेसमैन, नौकरशाह, पूर्व नौकरशाह, फिल्मी कलाकार, क्रिकेटर, साधु संत, यह सुरक्षा देश के महत्वपूर्ण नागरिक को भी दी जा सकती है।

Z Plus सिक्योरिटी में कितने जवान होते हैं

इसमें 36 जवान तैनात किए जाते हैं इस सुरक्षा में 10 एनएसजी (NSG) कमांडोज भी तैनात होते हैं और यह कमांडो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते हैं Z Plus सिक्योरिटी तीन घेरों में होती है।

Z Plus सिक्योरिटी में कितना खर्च आता है

भारत में जेड प्लस सिक्योरिटी का साल भर का बजट 300 करोड़ के पार पहुंच जाता है जेड प्लस सुरक्षा देश की सबसे महंगी सुरक्षा है इसके साथ साथ यह सबसे कड़ी सुरक्षा भी है। कमांडो को सैलरी उसकी रैंक के अनुसार मिलती है इस सैलरी में उनके खाना पीना ट्रेनिंग और हथियारों के खर्च को भी शामिल किया जाता है।

उदाहरण के लिए अमित शाह की जेड प्लस सुरक्षा में 22 एनएसजी कमांडोज तैनात किए गए हैं इसके साथ ही 20 अन्य सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं इसके हिसाब से अमित शाह की सुरक्षा के लिए हर महीने 4 से 5 करोड़ रुपए तक का खर्च आता है।

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Z Plus सिक्योरिटी के लिए जवान कहां से चुने जाते हैं

जेड प्लस सुरक्षा भारत की बड़ी-बड़ी हस्तियों को प्रदान की जाती है और इसी सुरक्षा के लिए जिन कमांडो और पुलिस को चुना जाता है वह भारत के मुख्य चार सुरक्षाबलों से आते हैं।

  1. NSG (National Security Guard)
  2. SPG (Special Protection Group)
  3. ITBP (Indo Tibetan Border Police)
  4. CRPF (Central Reserve Police Force)

FAQ Z Plus सिक्योरिटी से संबंधित

Z Plus सिक्योरिटी क्या भारत की सबसे बड़ी सुरक्षा है?

जी हाँ Z Plus सिक्योरिटी भारत की सबसे बड़ी सुरक्षा है इस सुरक्षा में देश की सेना के 36 जवान तैनात रहते हैं जिसमें एनएसजी, एसपीजी, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के कमांडर शामिल होते हैं

Z Plus सिक्योरिटी में कितने पैसे खर्च होते हैं?

जैसा कि आपको पता चल गया होगा Z Plus सिक्योरिटी किसी व्यक्ति को दी जाने वाली भारत की सबसे बड़ी सुरक्षा है ऐसे में इसका खर्च भी काफी ज्यादा होता है वर्तमान समय में देश में काफी लोगो को यह सुरक्षा दी गयी है जिसमें हर साल 300 करोड़ खर्च होते हैं

Z Plus सिक्योरिटी से क्या फायदा होता है?

आमतौर पर देखा गया है जब भी कोई नेता देश हित में कोई अच्छे काम करने लग जाता है तो उसके न चाहने वाले भी बढ़ जाते हैं ऐसे में उन नेता की सुरक्षा को खतरा को देखते हुए उन्हें विशेष Z Plus सिक्योरिटी दी जाती है इसके अलावा देश के बड़े बड़े उद्योगपतियों को भी जान का खतरा बना रहता है ऐसे में उन्हें भी विशेष सिक्योरिटी दी जाती है

Z Plus सिक्योरिटी की खासियत क्या है?

दूसरी भारतीय सुरक्षा की तुलना में Z Plus सिक्योरिटी देश की सबसे मजबूत और उच्च सुरक्षा शैली है इसके अंतर्गत देश के उन सभी हस्तियों की सुरक्षा की जाती है जो देश के अहम पदों पर मौजूद हैं

Z Plus सिक्योरिटी मिलेगी या नहीं यह कौन तय करता है?

तो देशभर के VIP लोगो को कौन सी सिक्योरिटी देनी है इसके फैसले एक कमेटी लेती है जिसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो समेत कई बड़े सरकारी अधिकारी होते हैं इसके अलावा राज्य सरकार भी किसी व्यक्ति विशेष के लिए Z Plus सिक्योरिटी की शिफारिश कर सकती है

Conclusion

इस आर्टिकल में हमने जाना कि Z Plus सिक्योरिटी क्या होती है उम्मीद करते हैं आपको देश की सबसे बड़ी सुरक्षा को लेकर आपके सभी सवालों के जवाब मिल गया होगा। अगर आप लोगों को यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इस जानकारी को अन्य लोगों तक जरूर शेयर करें अगर आपको ऐसी ही जानकारी वाली पोस्ट पढ़ने की इच्छा है तो आप हमें इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।

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