भारत का पहला उपग्रह कौनसा था इसे कब लांच किया गया

क्या आप जानते है भारत का पहला उपग्रह कौनसा था और यह कब लांच किया गया था। तो इस पोस्ट में आपको आपके सभी सवाल के जबाव मिल जायेंगे। इससे पहले आपको बता दे यह ऐसे कृत्रिम उपग्रह होते है जो पृथ्वी से दूर एक कक्षा में निश्चित दूरी पर परिक्रमा करते रहते हैं। आज के दुनिया के कई देशों द्वारा हजारों कृत्रिम उपग्रह जिन्हें Satellite भी कहा जाता है अंतरिक्ष में छोड़े गए हैं। यह उपग्रह दुनिया के देशों के लिए काफी मददगार साबित होते है। आज आप रास्ता जानने के लिए जिस गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं। वह उपग्रह के कारण ही संभव हुआ है। इसके अलावा संचार, सुरक्षा, मौसम, टीवी अंतरिक्ष का अध्ययन करने आदि जैसे विभिन्न छेत्र में उपग्रह का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारत का पहला उपग्रह कौनसा था

जहां तक भारत की बात करे तो आज हमारी अपनी एक स्पेस एजेंसी है। जिसे ISRO के नाम से जाना जाता है। बता दे कि इसरो एक ही रॉकेट से 104 उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेज चुका है। यह एक नया कीर्तिमान है जिसे इसरो ने बीते साल में रचा था। अब आप जानना चाहते होंगे कि नए नए कीर्तिमान रचने वाले भारत ने अपना प्रथम कृत्रिम उपग्रह कब लांच किया था और इसका क्या नाम रखा गया था तो चलिए जानते हैं।

भारत का पहला उपग्रह कौनसा था

बता दे भारत का पहला स्वदेशी कृत्रिम उपग्रह 19 अप्रैल 1975 को लॉन्च किया था। जिसका नाम आर्यभट्ट रखा गया था इस उपग्रह को सोवियत संघ रूस की स्पेस एजेंसी इंटरकॉसमॉस के रॉकेट की सहायता से अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया।

भारत का पहला उपग्रह कौनसा था

हालाकि इस समय हमारे पास ऐसी टेक्नोलॉजी मौजूद नहीं थी जिसकी सहायता से हम अंतरिक्ष में कोई उपग्रह भेज सके। इसी वजह भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह लांच करने के लिए हमें सोवियत संघ रूस की सहायता लेनी पड़ी थी।

इंडिया के पहले उपग्रह का नामकरण उस समय की प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी ने किया था। इन्होने इसका नाम भारत के महान खगोलशास्त्र और गणितज्ञ आर्यभट्ट पर रखा था इस उपग्रह का वजन 360 किलोग्राम था।

इस उपग्रह को भेजने का प्रमुख उद्देश्य वैज्ञानिक प्रयोग एवं शोध करना था लेकिन कुछ तकनीकी खराबी के चलते इससे लांच होने के पांच दिन संपर्क टूट गया। ऐसा माना जाता है कि इस उपग्रह में उर्जा संचालन में गड़बड़ी आ गयी थी।

आर्यभट्ट उपग्रह 17 साल बाद 11 फरवरी 1992 को पृथ्वी के वातावरण में वापस आ गया और वातावरण में प्रवेश करते ही नष्ट हो गया। इस तरह भारत का पहला उपग्रह सफल तो नहीं हो पाया लेकिन इसने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी को एक नई दिशा दी थी।

इसके बाद कुछ सफलता और असफलता के साथ भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो को नई उड़ान मिली। पिछले 4 दशकों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान इसरो द्वारा अंतरिक्ष में 84 से अधिक Satellite भेजे गए हैं। जिन्होंने इसरो को एक नई पहचान दी है और ये Satellite अपने महत्वपूर्ण कार्य करने में लगे हुए हैं।

भारत ने अपना दूसरा उपग्रह 7 जून 1979 में भास्कर 1 को अंतरिक्ष में छोड़ा था। जिसका वजन पहले सेटेलाइट आर्यभट्ट से 86 किलोग्राम अधिक था। इसके बाद साल 1980 में भारत ने अपना पहला पूर्ण स्वदेशी उपग्रह रोहिणी प्रक्षेपण यान एसएलवी 3 द्वारा कक्षा में स्थापित किया गया था।

तो अब आप जान गए होंगे कि भारत का पहला उपग्रह कौनसा था। इस Satellite को कब लांच किया गया था। आपको बता दे कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO की स्थापना 15 अगस्त 1969 में की गयी थी। इसका श्रेय वैज्ञानिक विक्रम अंबालाल साराभाई को जाता है क्योंकि इनकी संकल्पना और प्रयासों के चलते इसरो की स्थापना हुई थी। इसरो अब तक कई उपलब्धियों को हासिल कर चुका है और उम्मीद करते है इसरो आगे भी ऐसे अनेक कीर्तिमान रचेगा।

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