टाटा कंपनी का मालिक कौन है ये किस देश की कंपनी है

आज का हमारा टॉपिक है टाटा कंपनी का मालिक कौन है ये किस देश की कंपनी है अगर आप भी Tata Company के बारे में जानना चाहते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है आपने एक बार तो टाटा समूह का नाम जरूर सुना होगा। टाटा कंपनी बहुत बड़ी multinational company है जो कि दुनिया के 100 से भी अधिक देशों में अपना बिजनेस चला रही है। आज टाटा कंपनी का साम्राज्य इतना बड़ा हो चुका है कि अगर टाटा समूह अपने सारे बिजनेस बंद कर दे तो देश की जीडीपी में काफी गिरावट आ जाएगी और कई हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। तो क्या आप ऐसी कंपनी के बारे में जानना चाहते हैं अगर हां तो चलिए शुरू करते हैं आज का यह आर्टिकल।

टाटा कंपनी का मालिक कौन है

तो चलिए बिना देरी किए शुरू करते हैं और जानते हैं कि Tata Company Ka Malik Kaun Hai Tata Kis Desh Ki Company Hai इससे पहले आपको बता दे इस आर्टिकल में हम टाटा कंपनी के इतिहास से लेकर टाटा कंपनी की सफलता के बारे में आपको बताएंगे और टाटा से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में भी हम आपको जानकरी देने वाले हैं।

टाटा का मालिक कौन है

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि टाटा कंपनी के मालिक रतन टाटा हैं। और टाटा ग्रुप के नए चेयरमैन भी रतन जी है। जमशेदजी और जेआरडी टाटा की तरह रतन जी ने अपनी company को नई ऊंचाई तक पहुंचाया। पिचले 50 सालो से रतन जी कंपनी का कार्यभार अच्छी तरह से संभाल रहे है।

रतन टाटा ने और भी कई कंपनियों को ख़रीदा और उन कंपनियों को भी एक अच्छे मुकाम पर पहुँचाया। आज रतन टाटा भारत के सबसे बड़े businessman है। भारत में बहोत सारे बिजनेसमैन है पर उनमे से लोग रतन टाटा का सबसे ज्यादा आदर करते है। वह एक नैक दिल इन्सान है और जब जब देश को कोई आर्थिक समस्या या फिर किसी अन्य सहायता की जरुरत पड़ी है तब-तब रतन टाटा ने देश की मदद की है।

टाटा कंपनी का मालिक कौन है

टाटा समूह अपनी आय का तकरीबन 65% चेरिटी में दान करते है। टाटा समूह का एक charitable trust भी है जिसका नाम Tata charitable trust है जो जरुरतमंदो की सेवा करता है।

टाटा किस देश की कंपनी है

बता दे टाटा भारत देश की कंपनी है Tata company की शुरुआत भारत में ही हुई है और भारत के अलावा आज यह कंपनी दुनिया के 100 से अधिक देशों में सफलतापूर्वक अपना बिजनेस कर रही है। टाटा समूह का मुख्यालय मुम्बई में स्थित है।

आप टाटा कंपनी का नाम तो जरुर सुना होगा और आप भी इस company के प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे होंगे क्योंकि यह कंपनी बहुत सारे प्रोडक्ट बनाती है और दुनिया भर में लोगों को अपनी सर्विस प्रोवाइड कराती है। टाटा कंपनी हमारे देश भारत की सबसे पुरानी कंपनी है और आज यह कंपनी एक अच्छे मुकाम पर स्थित है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टाटा कंपनी एक बिजनेस में काम नहीं कर रही है बल्कि विविध-विविध क्षेत्रों के अन्य बिजनेस में भी अपना योगदान दे रही है। टाटा कंपनी एक मल्टीनेशनल कंपनी है।

टाटा समूह ने बहुत से क्षेत्रों में बिजनेस किया है और कर रही है जिसमें Chemicals, Automotive, Retail, Real estates, hotels, life insurance, e-commerce, Home appliances, etc. जैसे क्षेत्र शामिल है और हर क्षेत्र में काम कर रही टाटा समूह की company के नाम भी अलग-अलग है। जैसे कि Tata motors, Tata chemicals, Tata consultancy services, Tata steal, Tata consumer, Tata advanced system, Tata communications.

भारत देश में बहुत सी बड़ी-बड़ी कंपनियां है जैसे की रिलायंस, HCL, Infosys, Wipro जैसी कंपनियां शामिल हैं और इसी लिस्ट में टाटा समूह सबसे ऊपर आता है। टाटा समूह की कंपनिया दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। हमने Oppo company के बारे मे भी एक पोस्ट लिखा है आप उसे भी पढ़ सकते है Oppo कहां की कंपनी है।

तो अब आपको पता है कि टाटा कहां की कंपनी है और तो चलिए अब हम टाटा कंपनी का इतिहास मतलबी की टाटा कंपनी की शुरुआत कैसे हुई इस बारे में जानते है।

टाटा कंपनी का इतिहास

टाटा कंपनी की स्थापना 1868 में जमशेदजी टाटा के द्वारा की गई थी। जमशेदजी का जन्म साल 1839 को हुआ था और फिर 1858 में उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करी और उसके बाद अपने पिता के बिजनेस मैं हाथ बटाने लगे।

जमशेदजी टाटा ने 1868 में टाटा कंपनी की शुरुआत रुई बनाने के कारखाने से करी थी और फिर समय के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों में भी टाटा कंपनी ने अपने कदम रखे। आज आप जानते ही हैं कि टाटा समूह कितना बड़ा हो चुका है।

दोस्त जब भी किसी कंपनी की शुरुआत होती है तब वह कंपनी अपने कुछ लक्ष्य निर्धारित करती है की समय के साथ-साथ कंपनी में क्या क्या बदलाव होने चाहिए, company को ऊँचे लेवल पर पहुंचाया कैसे जाये, इत्यादि। टाटा कंपनी के संस्थापक जमशेदजी टाटा ने भी अपने कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए और अपने बिजनेस को फैलाने के लिए कई तरह के लक्ष्य बनाए थे।

उनका एक सपना भी था कि वह देश में एक आलीशान होटल बनाए। इसी तरह उनके और भी कई सपने थे। अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने जी जान से मेहनत भी करी और उन्होंने भारत में एक आलीशान होटल का निर्माण किया जिसका नाम ताज होटल रखा। इसके बाद सन 1904 में जमशेदजी टाटा का निधन हो गया।

जमशेदजी की मृत्यु के बाद टाटा समूह के बिजनेस को जमशेदजी टाटा की आने वाली पीढ़ी को संभालना था। जमशेदजी टाटा कंपनी के मालिक थे और संस्थापक भी और उनकी मृत्यु के बाद टाटा कंपनी के नए मालिक उनके बेटे दोराब जी टाटा बने।

1938 में दोराबजी टाटा ने अपने पद से रिजाइन करा और फिर JRD Tata, टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने। अब यह एक कंपनी न रहा कर एक बहुत बड़ा बिजनेस समूह बन चुका था जिसकी बहुत सारी अन्य कंपनिया बन चुकी थी।

आपने एयर इंडिया का नाम तो सुना ही होगा आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि इसकी शुरुआत जेआरडी टाटा के द्वारा ही की गई थी। शुरुआत में एयर इंडिया कंपनी का नाम टाटा एयरलाइंस था पर फिर भारत सरकार ने इस कंपनी को ले लिया और बाद में उसका नाम एयर इंडिया कर दिया।

आज टाटा ग्रुप की बहुत सारी कंपनियां हैं जिनमें जेआरडी टाटा का सबसे बड़ा योगदान रहा है। टाटा ग्रुप के पास जीतनी भी कंपनी हैं उनमें सबसे ज्यादा कंपनी जेआरडी टाटा के द्वारा ही बनाई गई है। सन 1991 में जेआरडी टाटा ने अपने पद से रिजाइन किया।

रतन टाटा का एक रोचक किस्सा

जब रतन टाटा की बात आती है तो उनका एक रोचक किस्सा मेरे दिमाग में आता है जो में लोगों के साथ भी शेयर करना चाहता हूं। पर आपको उस किस्से के बारे में पता ही होगा क्योंकि अक्सर लोग रतन टाटा के उस किस्से की सराहना करते हैं।

रतन जी ने टाटा मोटर्स की शुरुआत करी थी पर जिस तरह रतन जी इस कंपनी को मतलब कि टाटा मोटर्स को चलाना चाहते थे उस तरह उन्हें सफलता नहीं मिल रही थी और धीरे धीरे टाटा मोटर्स घाटे में जाने लगी। उस समय टाटा मोटर्स की बहुत आलोचना भी की जा रही थी और फिर नौबत यहां तक पहुंच गई कि रतन जी को टाटा मोटर्स बेचने का सुझाव दिया गया।

रतन टाटा ने यह बात मान भी ली और टाटा मोटर्स को बेचने के लिए वह अमेरिका की एक बहुत बड़ी कार कंपनी फोर्ड के पास गए। वहां पर फोर्ड कंपनी के मालिक ने रतन टाटा का अपमान करते हुए कहा कि अगर आपको इस बिजनेस के बारे में जानकारी ही नहीं थी तो फिर आपने इस कंपनी को बनाया ही क्यों और इसमें इतना पैसा क्यों लगाया।

यह बात रतन टाटा को अच्छी नहीं लगी और उन्होंने कंपनी बेचने से इनकार कर दिया और वापस भारत आ गए। भारत आकर रतन जी ने टाटा मोटर्स पर जोरो शोरो से काम करना शुरू कर दिया और जिस कार की वजह से टाटा मोटर्स की आलोचना की जा रही थी उसी कार का नया मॉडल लॉन्च करके रतन टाटा ने सबको चौंका दिया। धीरे धीरे टाटा मोटर्स फिर से मुनाफे में आ गई जो company पहले घाटे में जा रही थी आज वह कंपनी काफी ज्यादा मुनाफा कमा रही है।

जब रतन जी टाटा मोटर्स को बेचने के लिए फोर्ड के पास गए थे तो फोर्ड वालों ने यह कह कर रतन टाटा का अपमान करा था कि हम यह कंपनी खरीद कर आप पर एहसान कर रहे हैं। जब फोर्ड 2 बड़े ब्रांड जेगुआर और लैंड रोवर घाटे में जा रहे थे तब रतन टाटा ने उन्हें खरीद कर फोर्ड वालो पर एहसान करा था। तो दोस्तों कुछ इस तरह रतन टाटा ने अपने अपमान का बदला लिया जगुआर और लैंड रोवर यह दो कार भी टाटा मोटर्स का ही है।

रतन टाटा के जीवन का यह दिलजस्प किस्सा हमने आपको बताया और बस इतना ही नहीं बल्कि इसके आलावा और भी बहोत सारे ऐसे किस्से है। आज टाटा समूह की लगभग 100 से भी ज्यादा कंपनिया है और दुनिया के 140 से भी अधिक देशो में व्यवसाय फेला हुआ है। तो यह था टाटा कंपनी का इतिहास तो अब आपको पता है की टाटा कंपनी का मालिक कौन है और टाटा किस देश की कंपनी है चलिए अब टाटा समूह से जुडी कुछ और जानकारी से हम आपको अवगत कराते है।

कितना बड़ा है Tata Group का business

आज टाटा समूह ने बहोत सारे business में अपना कदम रखा हुआ है और हर तरह के क्षेत्र में टाटा समूह का बिजनेस है। जिसमे से steel, Automobile, Software, Telecommunication, Insurance, Consumer, Hotels, Defense, इत्यादि शामिल है। क्या आप जानते है की टाटा समूह की सहायक कंपनिया कौन सी है अगर नहीं तो चलिए जनाते है.

टाटा समूह की सहायक कंपनिया

टाटा समूह की बहोत सारी companies है जिनमे से कुछ बड़ी कंपनियों के नाम निचे दिए गए है।

  • Tata consultancy services
  • Tata motors
  • Tata tea
  • Tata teleservices
  • Tata telecommunications
  • Taj hotel
  • Tata power
  • Titan
  • Tata chemicals

इसके अलावा भी बहोत सारी सहायक कंपनिया है।

तो अब आप जन गए होंगे की टाटा कंपनी का मालिक कौन है टाटा किस देश की कंपनी है और टाटा कंपनी के संस्थापक कौन है टाटा समूह की सबसे बड़ी कंपनी Tata consultancy services (TCS) है। जोकि software बनाने का काम करती है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की TCS दुनिया की सबसे बड़ी IT company है। टाटा समूह में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी TCS की है आज TCS में 4.5 लाख से भी ज्यादा लोग काम कर रहे है। इस आर्टिकल में हमने टाटा समूह के इतिहास के बारे मे आपको विस्तार से बताया है उम्मीद करते है की आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा।

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