एनआरआई क्या होता है इसका मतलब जाने

आज के आर्टिकल में हम देखेंगे एनआरआई क्या होता है इसका मतलब जाने आपने NRI वर्ड कई बार सुना होगा आज हम आपको इस वर्ड की पूरी डेफिनेशन बताएंगे और आपको बताएंगे कि NRI कौन होते हैं इसकी फुल फॉर्म क्या होती है और साथ ही साथ हम जानेंगे कि क्या एनआरआई को आधार कार्ड की जरूरत होती है और क्या ये भारतीय टैक्स सिस्टम को फॉलो करते हैं आपने अक्सर टीवी या फिल्म में एनआरआई के बारे में जरुर सुना ऐसे में आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर एनआरआई किसे कहते हैं।

एनआरआई क्या होता है

ज्यादातर भारतीयों का सपना विदेश में जाकर घूमना पढ़ाई और नौकरी करना होता है हालाकि इन सभी कामों को करने के लिए अच्छे खासे पैसे चाहिए होते हैं अगर आपको विदेशों में जाकर घूमना पसंद है तो इसके लिए भी पैसों की जरुरत पड़ती है वहीं अगर आप विदेश में जाकर नौकरी करना चाहते हैं तो आपको पैसे के साथ पढ़ाई भी करनी होगी क्योंकि पढ़ाई के बाद ही आप विदेशों में नौकरी कर सकते हैं अगर विदेश में आपकी नौकरी लग जाती है तो आपको ज्यादा समय विदेश में ही रहना होगा

काफी लोग नौकरी लगने के बाद विदेश में ही रहने लग जाते हैं इसके अलावा काफी ऐसे भारतीय बिजनेसमैन भी होते हैं जो विदेशों में व्यापार करते हैं और अधिकतर समय विदेश में ही रहते हैं ऐसे लोग अपने देश के साथ जिस देश में रहते हैं उसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तो चलिए आखिर जानते हैं इन लोगो को किस रूप में जाना जाता है आइये आर्टिकल को शुरू करते हैं और पूरी जानकारी हिंदी में देख लेते हैं।

एनआरआई क्या होता है

एनआरआई वह होता है जो भारत के नागरिक होने के साथ बाहर देशों में रह रहा हैं इनमें से ज्यादातर भारतीय रोजगार और पढ़ाई करने के लिए बाहर देशों में जाते हैं और वह कुछ समय बाद काफी लंबे समय तक उस देश में रहते हैं या बहुत ज्यादा समय बाहर देश में बिताते हैं इन लोगों को ही एनआरआई कहते हैं। NRI का फुल फॉर्म Non Resident Indian है हिंदी में इसे अप्रवासी भारतीय के नाम से जाना जाता है। ध्यान रहे ये सभी एनआरआई भारतीय नागरिक ही है और विभिन्न उद्देश्य से विदेश में रहते हैं।

आज के समय में फॉरेन कंट्री में पढ़ाई करने के लिए भारतीय विद्यार्थियों की एक बड़ी तादाद है बहुत से कारणों से भारत के नागरिक को बाहर जाना पड़ता है कई लोग पैसे के लिए जाते हैं तो कई पढ़ाई के लिए या कई लोग नौकरी आदि के लिए भी बाहर देश जाते हैं कई लोग बाहर जाकर बाहर देशों की नागरिकता प्राप्त कर लेते हैं।

देश से बाहर रह रहे लोग भी भारत देश के ही महत्वपूर्ण अंग होते हैं यह विदेशी बाद में होते हैं और भारतीय पहले होते हैं इन्हीं लोगों को NRI कहा जाता है यह लोग बाहर देश में रहकर भी भारत में व्यापार टेक्नोलॉजी विशेषज्ञता और फॉरेन इन्वेस्टमेंट जैसे क्षेत्रों में भारत देश की मदद करते हैं और यह भारत के साथ साथ है जिस देश में कार्यरत है उस देश की भी काफी मदद करते हैं और स्वेच्छा से कार्य करते हैं।

इन लोगों को आर्थिक और शैक्षणिक मामलों में भारत के नागरिकों के बराबर रखने के लिए भारत सरकार द्वारा और overseas citizen of india card भी दिया जाता है।

भारत सरकार एक Person of Indian Origin कार्ड भी देती है यह कार्ड उन लोगों के लिए होता है जो भारतीय मूल के लोग हैं और बाहर के देशों में रह रहे हैं यह लोग अगर भारत से आए प्रवासी है या बाहर देशों में जन्म लिए हुए भारतीय मूल के व्यक्ति हैं इनको PIO कार्ड दिया जाता है। अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में PIO को वही अधिकार है जो कि वहां के आम नागरिकों को और बाकी विदेशी नागरिकों को होते हैं आम नागरिकों के जैसे अधिकार पाने के लिए उन देशों में उन लोगों को PR यानी कि परमानेंट रेजिडेंट भी होना पड़ता है।

प्रवासी भारतीयों को भारत के अनिवाशी या भारतीय मूल के कहकर संबोधित किया जाता है जो भी लोग भारत देश को छोड़कर दूसरे देशों में रह रहे हैं या जिनके माता पिता भारत देश से बाहर गए थे और वहां पर उनका जन्म हुआ था तो उन सभी लोगों को भारतीय मूल का कहकर ही बुलाया जाता है।

एक अनुमान के अनुसार दुनिया में ढाई करोड़ से ज्यादा लोग भारतीय मूल के हैं जो अलग अलग देशों में रह रहे हैं इनमें से ज्यादातर अमेरिका में रहते हैं और कनाडा में 3 मिलियन और यूके और मलेशिया जैसे स्थानों पर एक मिलियन से ज्यादा अनिवासी भारतीय रहते हैं अनिवासी भारतीय या एनआरआई ऐसे लोगों को कहा जाता है जो भारत देश को छोड़कर अन्य देशों में निवास कर चुके हैं।

कई देशों में एनआरआई या भारतीय मूल के लोगों की आबादी बहुत ज्यादा है अमेरिका कनाडा और यूके जैसे देशों में यह सबसे ज्यादा रहते हैं क्योंकि भारतीय इन देशों को ही सबसे समृद्ध मानते हैं और ज्यादातर भारतीय पैसा कमाने और पढ़ाई लिखाई करने के लिए समृद्ध देशों की तरफ ही रुख करते हैं।

भारतीय छात्र छात्राओं ने विदेशों में जाकर वहां पर पढ़ाई करके बहुत बड़े बड़े पदों पर अपनी जगह बनाई है और कई भारत के छात्र विश्व की सर्वोपरि यूनिवर्सिटीज में भी पढ़ते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला और अल्फाबेट (गूगल) कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ऐसे ही हजारों ऐसे उदाहरण है जहां पर भारतीय लोगों ने विदेशों में भी बड़ी बड़ी कंपनियों में बहुत बड़े पद हासिल किए हैं और विश्व के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

एनआरआई का फुल फॉर्म क्या होता है

NRI की फुल फॉर्म non resident indian है इसे हम हिंदी में अप्रवासी भारतीय भी कहते हैं एनआरआई भारतीय नागरिक ही है और विभिन्न उद्देश्यों से भारत के बाहर निवास कर रहे होते हैं जिसके विषय में आपको पहले बता दिया है।

एनआरआई क्या होता है

संविधान में NRI

भारतीय संविधान के India’s Foreign Exchange Management Act 1999 के अनुसार NRI को निम्नलिखित रुप से परिभाषित किया जाता है:-

  • जो भी लोग भारत में साल भर में 182 से कम दिन भारत में बिताते हैं और विदेशों में रहते हैं ऐसे लोग एनआरआई कहलायेंगे।
  • एक ऐसा भारतीय जो पढ़ाई या आजीविका के लिए बाहर देश में निवास करता है।
  • जो व्यापार या अपने बिजनेस उद्देश्यों से विदेशों में रहते हैं वह लोग भी NRI हैं।
  • भारत के वे लोग जो बिना किसी कारण के अनिश्चित समय से विदेशों में रह रहे हैं।

इनकम टैक्स प्रक्रिया में सुविधा और दोहरी टेक्स प्रणाली से बचाने के लिए लोगों को एनआरआई का स्टेटस दिया जाता है यह किसी व्यक्ति की किसी देश में नागरिकता को नहीं दिखाता यह व्यक्ति के इनकम टैक्स स्टेटस के बारे में बताता है जिसे हम FEMA से संदर्भित करते हैं।

NRI और PIO में क्या अंतर है

पीआईओ केवल भारतीय मूल के या भारत में जन्म लिए हुए व्यक्ति होते हैं इनके पास भारतीय नागरिकता नहीं होती लेकिन अगर यह लोग भारत के सीमा में जन्म लेते हैं तो इन्हें पीआईओ का दर्जा मिलता है लेकिन एनआरआई भारत के नागरिक होते हैं और इनके पास भारतीय नागरिकता भी होती है जो विदेशों में निवास कर रहे होते हैं।

एनआरआई के लिए टैक्स सिस्टम

NRI जिस देश में रह रहा है उसी देश के टैक्सेशन प्रणाली का हिस्सा होता है ध्यान रहे कि NRI को अगर भारत में कोई आमदनी होती है या किसी तरह से भारत में कमाई कर रहा है तो उसका टेक्स भारत सरकार लेगी लेकिन अगर विदेशों मैं पैसा कमा रहा है तो वह विदेशी टैक्सेशन सिस्टम का हिस्सा होगा और जिस देश में रह रहा है उसके अनुरूप ही टैक्स देगा एनआरआई को भारत में फेमा (FEMA) के अंतर्गत टैक्स में छूट दी गई है।

एनआरआई Status कौन देता है

दोस्तों जब तक व्यक्ति को एनआरआई स्टेटस ना मिला हो तब तक उसे NRI नहीं कह सकते एनआरआई स्टेटस भारत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा दिया जाता है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा यह स्टेटस देने के लिए व्यक्ति का भारत में आना जाना और बाहर देश में रहने के उद्देश्य के बारे में छानबीन की जाती है उसके बाद ही स्टेटस दिया जाता है।

क्या NRI भारतीय आधार कार्ड बनवा सकता है

अगर कोई भारत का व्यक्ति बाहर देश में रह रहा है तो उसे भी आधार कार्ड की जरूरत होती है आधार कार्ड को आप भारतीय नागरिकता के रूप में नहीं ले सकते लेकिन वह भारत का नागरिक है इस सबूत के लिए उसे आधार कार्ड की आवश्यकता होती है।

कैसा लगा आपको आज का यह आर्टिकल इस आर्टिकल में हमने जाना कि एनआरआई क्या होता है इसका मतलब जाने यहां पर हमने एनआरआई के बारे में पूरी जानकारी ली है आशा करूंगा कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और आप इसे अपने करीबी साथियों के साथ साझा करना नहीं भूलेंगे दोस्तों अगर आपको NRI के बारे में कोई भी और जानकारी चाहिए या इस आर्टिकल में आपको कोई त्रुटि दिख रही है, तो आप इसके बारे में कमेंट कर सकते हैं हम जल्द से जल्द रिप्लाई देकर आपके क्वेश्चन का आंसर देने की कोशिश करेंगे

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